नई दिल्ली , अक्टूबर 30 -- भारत में सितंबर तिमाही में निवेश की मांग में उछाल के बीच सोने की कुल खपत बढ़कर अब तक के उच्चतम स्तर पर पहुँच गई।
विश्व स्वर्ण परिषद (डब्ल्यूजीसी) ने कहा कि आलोच्य तिमाही में सोने की बढ़ती कीमतों के बीच भारतीय निवेशकों ने सोने के बिस्कुट और सिक्कों की खरीद बढ़ा दी और इस दौरान देश में सोने की कुल खरीदारी 10 अरब डॉलर से अधिक के रिकार्ड स्तर तक पहुँच गई ।
डब्ल्यूजीसी की रिपोर्ट के अनुसार भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सोने का उपभोक्ता बना हुआ है। सितंबर तिमाही में सोने में इसकी निवेश मांग पिछले साल की तुलना में 20 प्रतिशत बढ़कर 91.6 टन या मूल्य के लिहाज से 67 प्रतिशत बढ़कर 10.2 अरब अमेरिकी डॉलर हो गई।
हालांकि, रिकॉर्ड ऊँची कीमतों के कारण आभूषणों की मांग इस वर्ष सितंबर तिमाही में सालाना आधार पर 31 प्रतिशत घटकर 117.7 टन रही, जबकि इस दौरान कुल सोने की खपत 16 प्रतिशत घटकर 209.4 टन रह गई।
सोने की कीमतों में 2024 में 21 प्रतिशत की वृद्धि के बाद इस साल अब तक इसकी स्थानीय कीमतों में 56 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गयी है। अक्टूबर के शुरुआत में स्थानीय बाजार में सोना 132,294 रुपये प्रति 10 ग्राम के रिकार्ड स्तर पर पर पहुँच गया था।
डब्ल्यूजीसी ने कहा, "2025 के पहले नौ महीनों में कुल सोने की खपत में निवेश की मांग का योगदान 40 प्रतिशत रहा, जो अब तक का सबसे अधिक रिकॉर्ड है।"डब्ल्यूजीसी के भारत परिचालन के सीईओ सचिन जैन ने कहा, "सोना एक मुख्यधारा की संपत्ति बन गया है क्योंकि निवेशक अपने पोर्टफोलियो में विविधता ला रहे हैं और निवेश बढ़ा रहे हैं, यहाँ तक कि वे लोग भी इनमें शामिल हो गये हैं जिनका पहले निवेश कम था।" उन्होंने आगे कहा, "हमारा मानना है कि आने वाली तिमाहियों में सोने में निवेशकों की रुचि बनी रहेगी और बढ़ेगी।"जैन ने कहा कि त्योहारों और शादियों के मौसम के कारण दिसंबर तिमाही में मांग सितंबर तिमाही से अधिक रहने की उम्मीद है। हालाँकि, इस मौसमी सुधार के बावजूद, 2025 में कुल सोने की मांग 600 से 700 टन के बीच रह सकती है, जो 2020 के बाद से सबसे कम है और पिछले साल के 802.8 टन से कम है।
डब्ल्यूजीसी की रिपोर्ट के अनुसार 2025 की तीसरी तिमाही में वैश्विक स्तर पर स्वर्ण की माँग रुझान रिपोर्ट से पता चलता है कि तिमाही स्वर्ण माँग ( विकेंद्रित बाजार की मांग सहित) कुल अनुमानित 1,313 टन या मूल्य के हिसाब से 146 अरब डॉलर तक पहुँच गई। यह वैश्विक स्तर पर नया रिकॉर्ड है।
मांग में यह वृद्धि निवेश प्रेरित रही और इस तिमाही में निवेश के लिए सोने की मांग बढ़कर 537 टन पर हुंच गयी जो सालाना आधार पर 47 प्रतिशत ऊंची है। निवेश की यह मांग कुल शुद्ध स्वर्ण की माँग का 55 प्रतिशत रही।
रिपोर्ट के अनुसार विश्व स्तर पर निवेशकों ने लगातार तीसरी तिमाही में भौतिक सोने पर आधारित स्वर्ण ईटीएफ योजनाओं में निवेश जारी रखा और इसमें 222 टन सोना और जुड़ गया और वैश्विक स्तर पर ऐसी योजनाओं में निवेश में 26 अरब डॉलर की वृद्धि हुई।
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