भिंड , फरवरी 13 -- मध्यप्रदेश के भिंड जिले में पुश्तैनी जमीन को लेकर चल रहे विवाद के बीच छोटे भाई द्वारा अपने बड़े भाई की हत्या के मामले में चार लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है।

वर्ष 2023 में हुए इस हत्याकांड में विशेष न्यायाधीश डकैती न्यायालय ने कल चार आरोपियों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। एक आरोपी को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया।

अभियोजन ने आज यहां बताया कि मृतक भगवती प्रसाद और उसके छोटे भाई जमुना प्रसाद के बीच पुश्तैनी जमीन अपने नाम कराने को लेकर लंबे समय से तनातनी चल रही थी। परिवार के भीतर यह विवाद धीरे-धीरे दुश्मनी में बदल गया। बताया गया कि जमुना प्रसाद ने अपने साले रिंकू और साथियों मोहन व देवांश के साथ मिलकर बड़े भाई को रास्ते से हटाने की साजिश रची। आरोपियों ने मौका देखकर वारदात को अंजाम देने का फैसला किया।

15 अगस्त 2023 की रात भगवती प्रसाद घर के बाहर सो रहा था। उसी समय आरोपी वहां पहुंचे और लाठियों से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। गंभीर चोटों के कारण भगवती प्रसाद ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। वारदात के बाद आरोपियों ने इसे सामान्य विवाद दिखाने की कोशिश की ताकि हत्या की साजिश छिपाई जा सके। पुलिस ने गहराई से जांच की, जिसके बाद सामने आया कि वारदात से पहले जमुना प्रसाद और उसके साले रिंकू के बीच करीब 85 मिनट तक बातचीत हुई थी। अन्य आरोपी भी घटना के समय आसपास मौजूद पाए गए। जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने जमुना प्रसाद, रिंकू, मोहन और देवांश के खिलाफ हत्या का मामला अदालत में पेश किया। एक अन्य आरोपी जीत सिंह को भी शामिल किया गया था।

सुनवाई के दौरान पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने पर न्यायालय ने जीत सिंह को बरी कर दिया।

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