श्रीनगर , नवंबर 10 -- जम्मू-कश्मीर में मंगलवार को होने वाले बडगाम उपचुनाव के लिए सारी तैयारी पूरी हो चुकी है।
उपचुनाव को सत्तारुढ़ नेशनल कॉन्फ्रेंस की पिछले वर्ष हुए विधानसभा चुनावों के बाद मतदाताओं के बीच लोकप्रियता के लिए एक लिटमस टेस्ट माना जा रहा है।
पिछले विधानसभा चुनावों में बडगाम और गंदेरबल दोनों सीटें जीतने वाले मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बडगाम सीट खाली कर दी थी और गंदेरबल सीट बरकरार रखा था जिसके बाद यहां उपचुनाव कराये जा रहे हैं। श्री अब्दुल्ला ने बडगाम सीट पर 35,804 वोटों से जीत दर्ज की थी और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) के आगा सैयद मुंतज़िर मेहदी को हराया था जिन्हें 17,445 वोट मिले थे।
शुरुआत में चुनाव प्रचार अभियान धीमा रहा लेकिन पिछले तीन दिनों में राजनीतिक गतिविधियां बहुत बढ़ गई जब जम्मू-कश्मीर के शीर्ष नेताओं ने अपने-अपने उम्मीदवारों के लिए चुनाव प्रचार किया, जिनमें मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती और विपक्ष के नेता तथा वरिष्ठ भाजपा नेता सुनील शर्मा शामिल हैं।
उपचुनाव में सात निर्दलीय उम्मीदवार सहित कुल 17 उम्मीदवार मैदान में हैं , हालांकि मुख्य मुकाबला नेशनल कांफ्रेंस के आगा सैयद महमूद और पीडीपी के आगा मुंतजिर के बीच होने की उम्मीद है। अन्य प्रमुख उम्मीदवारों में भाजपा के आगा सैयद मोहसिन, अवामी इत्तेहाद पार्टी के नजीर अहमद खान, आम आदमी पार्टी की दीबा खान और स्वतंत्र उम्मीदवार मुंतजिर मोहिउद्दीन शामिल हैं।
चुनाव प्रचार अभियान के दौरान, नेकां और पीडीपी के बीच तीखी बयानबाजी हुई और क्षेत्र की राजनीतिक एवं प्रशासनिक अधिकारहीनता के लिए एक-दूसरे को दोषी ठहराया। नेशनल कांफ्रेंस ने पीडीपी पर जम्मू-कश्मीर को राज्य से केंद्र शासित प्रदेश बनाने और अनुच्छेद 370 को हटाने के लिए जिम्मेदार ठहराया। वहीं पीडीपी ने आरोप लगाया कि नेशनल कांफ्रेंस ने पिछले साल भारी जनादेश प्राप्त करने के बाद भाजपा के सामने आत्मसमर्पण कर दिया।
दिलचस्प तथ्य यह भी है कि नेशनल कॉन्फ्रेंस सांसद आगा रूहुल्लाह मेहदी ने बडगाम में अपनी पार्टी के उम्मीदवार के लिए प्रचार नहीं करने का फैसला लिया।
श्री रुहुल्लाह अनुच्छेद 370 को हटाए जाने और जम्मू-कश्मीर को केंद्र शासित प्रदेश बनाने के खिलाफ एक सशक्त आवाज बनकर उभरे हैं। वह संवैधानिक एवं आरक्षण के मुद्दों पर भाजपा के सामने खड़े न होने के लिए उमर अब्दुल्ला सरकार की आलोचना करते रहे हैं। पिछले साल के विधानसभा चुनावों में उन्होंने बडगाम में श्री अब्दुल्ला के लिए जोरदार प्रचार किया था।
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