भोपाल , फरवरी 18 -- मध्यप्रदेश विधानसभा में आज वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए प्रस्तुत किए गए बजट के दौरान श्री देवड़ा ने प्रख्यात कवि रहीम का तो मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने पूर्व प्रधानमंत्री लालबहादुर शास्त्री का स्मरण किया।

विधानसभा की कार्यवाही प्रारंभ होते ही श्री विजयवर्गीय ने श्री देवड़ा के संदर्भ में कहा कि ये इतने छोटे कद के वित्त मंत्री, जो शास्त्री जी के बराबर हैं, छठीं बार सदन में बजट पेश कर रहे हैं। इनका सम्मान तालियां बजाकर करें।

श्री देवड़ा ने संस्कृत के एक श्लोक से संबोधन की शुरुआत की। उन्होंने कहा, "प्रजा सुखे सुखम् राज्ञ:, प्रजानाम् च हितम् हितम्"। उन्होंने इसका अर्थ स्पष्ट करते हुए कहा कि प्रजा के सुख में ही राजा का सुख है, प्रजा के हित में ही राजा का हित है।

वित्त मंत्री ने अपने डेढ़ घंटे के संबोधन में कवि रहीम के दोहे और कई शेर भी पढ़े। उन्होंने महाकवि रहीम का दोहा ''दीन सबन को लखत है, दीनहि लखै न कोय, जो रहीम दीनहि लखै, दीनबंधु सम होय'' का उच्चारण किया।

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