लखनऊ , फरवरी 11 -- उत्तर प्रदेश सरकार ने बुधवार को वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए प्रस्तुत बजट में प्रदेश सरकार ने आधारभूत संरचना, कृषि, ऊर्जा, शहरी विकास और तकनीकी नवाचार पर विशेष जोर दिया है। विभिन्न क्षेत्रों के लिए हजारों करोड़ रुपये की धनराशि का प्रावधान करते हुए विकास को गति देने का दावा किया गया है।

सरकार ने 'एक जनपद, एक व्यंजन' योजना के लिए 75 करोड़ रुपये का आवंटन किया है, जिससे स्थानीय उत्पादों और पारंपरिक व्यंजनों को बढ़ावा मिलेगा। वहीं वस्त्र एवं गारमेंटिंग इंडस्ट्री को प्रोत्साहित करने के लिए 150 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।

धार्मिक और औद्योगिक महत्व वाले शहरों के विकास को ध्यान में रखते हुए मेरठ, मथुरा, वृंदावन और कानपुर के लिए नई योजना के तहत 750 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा सिटी इकोनॉमिक रीजन के विकास के लिए 100 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।

तकनीकी क्षेत्र में प्रदेश को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से एआई मिशन के लिए 225 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। वहीं नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर के लिए 400 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।

कृषि और सिंचाई क्षेत्र को भी प्राथमिकता देते हुए सिंचाई परियोजनाओं के लिए 18,290 करोड़ रुपये तथा कृषि योजनाओं के लिए 10,888 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। किसानों को राहत देने के लिए कृषक नलकूपों को निर्बाध बिजली आपूर्ति हेतु 2,400 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।

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