नयी दिल्ली , फरवरी 01 -- दिल्ली विधान सभा के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहा है कि यह बजट आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को सशक्त रूप से आगे बढ़ाने के साथ-साथ लघु एवं मध्यम उद्योगों को सुदृढ़ करने, मध्यम वर्ग को सशक्त बनाने की दिशा में एक ठोस रोडमैप प्रस्तुत करता है।
श्री गुप्ता ने रविवार को आम बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इसे 'विकसित भारत' के निर्माण की दिशा में एक ऐतिहासिक और दूरदर्शी बजट बताया। उन्होंने कहा कि यह बजट आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को सशक्त रूप से आगे बढ़ाने के साथ-साथ लघु एवं मध्यम उद्योगों को सुदृढ़ करने, मध्यम वर्ग को सशक्त बनाने तथा विश्वास-आधारित शासन के माध्यम से अनुपालन प्रक्रिया को सरल बनाने की दिशा में एक ठोस रोडमैप प्रस्तुत करता है। यह बजट उच्च विकास दर को समावेशी विकास के साथ संतुलित करते हुए समाज के सभी वर्गों तक विकास के लाभ पहुँचाने का प्रयास करता है।
उन्होंने अवसंरचना क्षेत्र में 12.2 लाख करोड़ के रिकॉर्ड सार्वजनिक पूंजीगत व्यय का स्वागत करते हुए कहा कि यह विशाल निवेश आधुनिक एवं प्रतिस्पर्धी अर्थव्यवस्था के लिए मजबूत भौतिक और डिजिटल आधार तैयार करेगा। उन्होंने कहा कि अवसंरचना पर निरंतर बल से रोजगार सृजन को गति मिलेगी, उत्पादकता बढ़ेगी और विभिन्न क्षेत्रों में लॉजिस्टिक्स दक्षता में सुधार होगा, जिससे देश की समग्र आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
श्री गुप्ता ने कहा कि आम बजट 2026-27 प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 'विकसित भारत' के दूरदर्शी नेतृत्व और 2047 तक एक विकसित, आत्मनिर्भर और समावेशी भारत के संकल्प को साकार करने की प्रतिबद्धता को प्रतिबिंबित करता है। उन्होंने उल्लेख किया कि प्रधानमंत्री का विकास दृष्टिकोण चार प्रमुख स्तंभों गरीब, किसान, युवा और महिला पर आधारित है और यह बजट अवसंरचना, विनिर्माण, प्रौद्योगिकी, मानव पूंजी और सामाजिक सुरक्षा में निरंतर निवेश के माध्यम से इस दृष्टि को ठोस नीतियों में रूपांतरित करता है।
उन्होंने कहा कि यह बजट गरीबों, किसानों, पशुपालकों और महिलाओं पर केंद्रित पहलें समावेशी विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं। उन्होंने प्रौद्योगिकी-सक्षम कृषि परामर्श सेवाओं के लिए भारत-विस्तार कार्यक्रम, मत्स्य क्षेत्र को प्रोत्साहन देने हेतु जलाशयों और अमृत सरोवरों का एकीकृत विकास, पशुपालन में उद्यमिता समर्थन, नारियल मिशन तथा काजू, कोको और चंदन जैसी फसलों को वैश्विक प्रीमियम मूल्य श्रृंखलाओं के रूप में विकसित करने के प्रयासों का स्वागत किया। उन्होंने उभरते क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने हेतु उच्च शिक्षा के एसटीईएम संस्थानों में छात्रावासों की स्थापना सहित 'नारी शक्ति' पर विशेष बल की भी सराहना की।
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