, Feb. 11 -- श्रीमती सीतारमण ने कहा कि विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने लगता है बजट को पढे बिना ही उसकी आलोचना की है। उन्होंने देश का डेटा बाहर भेजने के आरोप पर कहा कि सरकार ने बजट में डाटा सेंटर की स्थापना को प्रोत्साहन दिया गया है ताकि देश का डाटा देश में रहे और उसका प्रबंधन हमारे युवा करें। बजट में एआई इंडिया मिशन के लिए 1000 करोड रुपए का प्रावधान किया गया है। सेमीकंडक्टर 2.0 मिशन शुरु किया गया है, खाद्य सुरक्षा के लिए 2.27 लाख करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है और 80 करोड़ रुपए मुफ्त भोजन की योजना जारी रखी गयी है। खाद्य प्रसंस्करण के लिए 4 हजार 66 करोड रुपए की नयी योजना शुरु की गयी है।

उन्होंने कहा कि संप्रग सरकार के समय खाद्य महंगाई की दर 11 प्रतिशत से अधिक चली गयी थी और इस समय यह दो प्रतिशत से भी कम है। मोदी सरकार ने आर्थिक स्थिरता के लिए बायोटेक्नालॉजी, ऊर्जा आदि के लिए कितना पैसा केंद्र ने देनी की व्यवस्था बजट में की है इसके बारे में विपक्ष के नेता को पता ही नहीं है।

श्रीमती सीतारमण ने पैदा होने, स्कूल जाने से लेकर अंतिम संस्कार में लगने वाली धूप बत्ती पर कर के बोझ लादने वाले तृणमूल कांग्रेस के अभिषेक बनर्जी के भाषण का करारा जवाब देते हुए कहा कि दूध, कापी किताब और पेंसिल और अगरबत्ती पर शुरु से ही कोई जीएसटी नहीं है। उन्होंने कहा "इस मामले में मुझे अपने साथी मंत्री गिरिराज सिंह की यह बात सही लगती है कि पश्चिम बंगाल में ये सब चीजों पर तृणमूल कर लगता है।"श्रीमती सीतारमण ने कहा कि तृणमूल के सदस्यों को अपनी सरकार से पूछना चाहिए कि दिल्ली की तुलना में कोलकाता में पेट्रोल सात रुपए प्रतिलीटर महंगा क्यों है। उन्होंने शोर शराबे के बीच कहा कि पश्चिम बंगाल अपराधों में सजा दिलाने के मामले में 36 राज्यों में 35वीं वरीयता पर है। उन्होंने कहा कि चालू वित्त वर्ष के बजट में राज्यों को केंद्र से हस्तांतरण और अनुदान तथा ब्याजमुक्त कर्ज के रूप में 25.44 लाख करोड़ रुपए देने का प्रावधान है जो इस साल के बजट से 2.7 लाख करोड़ रुपए ज्यादा है।

उन्होंने 16वें वित्त आयोग की सिफारिशों के मद्देनजर अगले वित्त वर्ष के बजट के प्रस्तावों पर विपक्ष के सवालों को निराधार बताते हुए कहा कि आयोग की सिफारिशें बजट से पहले आ गयी थी जिन्हें आगामी अप्रैल से पांच तक के लिए लागू किया जाना है और इस बार के बजट में उन सिफारिशों को ध्यान में रखा गया है।

उल्लेखनीय है कि वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में 16वें वित्त आयोग को स्वीकार करने और राज्यों का हस्तांतरण 41 प्रतिशत के स्तर पर बनाए रखने की घोषणा की थी। उन्होंने कहा कि इस बार कुल 53.47 लाख करोड रुपए के बजट में केंद्र का पूंजीगत व्यय 12.2 लाख करोड रुपए रखा गया है। यह जीडीपी के 3.1 प्रतिशत के बराबर है यदि इसमें राज्यों को पूंजीगत अनुदान और पूंजीगत व्यय के लिए दो लाख करोड़ रुपए के ब्याजमुक्त 50 वर्षीय ऋण को जोड दें तो कुल पूंजीगत व्यय 17.1 लाख करोड हो जाता है जो जीडीपी का 4. 4 प्रतिशत है। उन्होंने विपक्ष के आरोपों को खारिज किया कि वित्तीय घाटे को जीडीपी के 4.3 प्रतिशत तक सीमित रखने के सरकार ने योजनाओं पर खर्च कम किया है।

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