जयपुर , जनवरी 05 -- राजस्थान में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा है कि आगामी बजट सत्र में कर्जे और कुप्रबंधन सहित कई मुद्दों पर राज्य सरकार को घेरने की विपक्ष ने पूरी तैयारी कर ली है।

श्री जूली ने सोमवार को मीडिया से बातचीत में कहा कि कांग्रेस विधायक दल ने सरकार को घेरने की पूरी तैयारी कर ली है और यह सत्र सरकार के दो साल के कामकाज का रिपोर्ट कार्ड तय करेगा। उन्होंने कहा कि इस सरकार की एक नई परिपाटी बन गई है, पहले बजट में बढ़ा-चढ़ाकर घोषणाएं करना और बाद में 'फिजिबिलिटी नहीं है (साध्य नहीं है) का हवाला देकर उन्हें निरस्त कर देना। इतिहास में पहली बार ऐसा हो रहा है कि घोषणा के बाद फिजिबिलिटी चेक की जा रही है जबकि यह काम पहले होना चाहिए। उन्होंने कहा कि आगामी बजट भी महज एक औपचारिकता रहने वाला है।

श्री जूली ने बताया कि विपक्ष ने सरकार के वित्तीय कुप्रबंधन की पूरी डिटेलिंग कर ली है। एफआरबीएम की लिमिट पार की जा रही है और जनता की गाढ़ी कमाई का बड़ा हिस्सा केवल ब्याज चुकाने में जा रहा है।

उन्होंने कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रदेश में कोई सुरक्षित नहीं है। अस्पतालों में आग लग रही है, स्कूल गिर रहे हैं, सड़कों पर डंपर कुचल रहे हैं और गैंगस्टर्स खुलेआम गोलियां चला रहे हैं। जनहित की योजनाएं ठप हैं, पेंशन, पालनहार और स्कॉलरशिप समय पर नहीं मिल रही। किसान यूरिया, बीज और खाद के लिए तरस रहा है। भर्तियां अटकी हुई हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार में ब्यूरोक्रेसी इतनी हावी हो चुकी है कि मंत्रियों और विधायकों की भी सुनवाई नहीं हो रही है। सत्ता और संगठन में भयंकर टकराव है। मंत्री कलेक्टर से लड़ रहे हैं और अधिकारी केंद्रीय मंत्रियों के पत्र तक को नजरअंदाज कर रहे हैं। प्रोटोकॉल का उल्लंघन किया जा रहा है, विधायक पीछे खड़े रहते हैं और कलेक्टर सीट पर बैठे रहते हैं। विपक्ष के विधायकों के नाम शिलान्यास और उद्घाटन पट्टिकाओं से हटाए जा रहे हैं जबकि भाजपा पदाधिकारियों के नाम नियमों के विरुद्ध लिखे जा रहे हैं।

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