भोपाल , फरवरी 11 -- आगामी 16 फरवरी से शुरु होने जा रहे मध्यप्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के पहले नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने आज कहा कि सत्र में कांग्रेस राज्य सरकार द्वारा बार-बार लिए कर्ज और प्रदेश के वित्तीय प्रबंधन का मुद्दा उठाएगी।
श्री सिंघार ने सोशल मीडिया पर कहा कि बजट सत्र से ठीक पहले मध्यप्रदेश सरकार द्वारा एक सप्ताह में दूसरी बार 5,000 करोड़ रुपये का कर्ज लिया जाना अत्यंत गंभीर विषय है। चालू वित्त वर्ष में अब तक 67,300 करोड़ रुपये की उधारी और 36 बार कर्ज लिया जाना राज्य की वित्तीय स्थिति पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है।
उन्होंने दावा किया कि हाल ही में जारी रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की रिपोर्ट ने भी प्रदेश की वास्तविक आर्थिक तस्वीर उजागर की है देश के कुल कर्ज का लगभग 5% हिस्सा अकेले मध्यप्रदेश पर है। यह स्थिति चिंताजनक है और सरकार की वित्तीय दिशा पर पुनर्विचार की मांग करती है। सरकार स्पष्ट करे कि इस उधारी का ठोस वित्तीय रोडमैप क्या है?नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि आगामी बजट सत्र में बढ़ते कर्ज, ब्याज के बढ़ते बोझ और वित्तीय प्रबंधन की पारदर्शिता पर सरकार से विस्तृत जवाब मांगा जाएगा। मध्यप्रदेश को कर्ज के पहाड़ नहीं, बल्कि मजबूत, जवाबदेह और दूरदर्शी आर्थिक नीति की आवश्यकता है।
इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पेयजल के कारण लोगों की जान जाने के मुद्दे पर उन्हाेंने संवाददाताओं से चर्चा में कहा कि प्रतिदिन मौतों के बाद भी सरकार की संवेदनहीनता दुर्भाग्यपूर्ण है। कांग्रेस पार्टी हर पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है और विधानसभा सत्र में भागीरथपुरा की घटना को मजबूती से उठाएगी, ताकि फिर ऐसी त्रासदी न हो।
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