चंडीगढ़ , मार्च 06 -- पंजाब में मोगा के बाघापुराना क्षेत्र में कोटकपूरा रोड के पास शुक्रवार को पत्तो गांव के सरपंच हरविंदर सिंह हैप्पी की गोली मारकर हत्या कर दी गयी। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, हथियारबंद हमलावर एक वाहन में आये, सरपंच को घेरा और अंधाधुंध फायरिंग कर दी। उन्हेंनजदीकी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।

इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने आरोप लगाया कि इस हत्या ने सरकार के दावों और जमीनी हकीकत के बीच के अंतर को उजागर कर दिया है। सूत्रों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि सरपंच को मिल रही धमकियों के बारे में खुफिया इनपुट थे, लेकिन कोई एहतियाती कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने कहा, " एक ओर पंजाब विधानसभा का बजट सत्र चल रहा था और राज्य सरकार 'प्रहार 1' और 'प्रहार 2' जैसी पुलिसिंग पहलों का हवाला देकर कानून-व्यवस्था को 'बेहतर' बताने के दावे कर रही थी, वहीं दूसरी ओर शुक्रवार को मोगा जिले में दिन-दिहाड़े एक गांव के सरपंच की गोली मारकर हत्या कर दी गयी।"श्री मजीठिया ने कहा कि यह घटना 2022 में पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या में हुई खुफिया विफलता की याद दिलाती है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य मशीनरी चुने हुए प्रतिनिधियों की रक्षा करने में विफल रही है। उन्होंने यह भी दावा किया कि इस हत्या के संबंध में आप विधायक अमृतपाल सिंह सुखनंद का नाम सामने आया है और मांग की कि मामले की जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी से कराई जाये।

उन्होंने गुरदासपुर के 19 वर्षीय रंजीत सिंह के मामले का भी जिक्र किया, जिसे परिवार ने 'फर्जी एनकाउंटर' बताया है। उन्होंने मांग की कि रंजीत का पोस्टमार्टम पीजीआई में कराया जाये और संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ धारा 302 के तहत मामला दर्ज हो। अकाली नेता ने हरविंदर सिंह हैप्पी के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की और इस हत्या के साथ-साथ अन्य समान मामलों की केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने की मांग की।

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