नयी दिल्ली , फरवरी 01 -- वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में रक्षा मंत्रालय के लिए सबसे अधिक 7.85 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है जो कुल बजट का 14.68 प्रतिशत और पिछले वर्ष के बजट से 15 प्रतिशत अधिक है।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को लोकसभा में वित्त वर्ष 2026-27 का बटज पेश किया जिसमें रक्षा मंत्रालय के लिए 7.85 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है जो मंत्रालयों में सबसे अधिक है।

रक्षा मंत्रालय ने इसके बाद सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि मंत्रालय को जो राशि मिली है वह केंद्रीय बजट का 14.68 प्रतिशत है। इसका उद्देश्य सैन्य तैयारियों को मज़बूत करना, नवाचार को बढ़ावा देना और देश की राष्ट्रीय सुरक्षा को सुदृढ़ करना है।

मंत्रालय ने कहा है कि रक्षा बजट प्रौद्योगिकी की दृष्टि से उन्नत और आत्मनिर्भर भविष्य की दिशा में एक निर्णायक कदम है। यह वर्ष 2047 तक देश को विकसित राष्ट्र बनाने के विज़न के अनुरूप है। इसमें आधुनिकीकरण, प्रौद्योगिकी नवाचार और संसाधनों के सर्वोत्तम उपयोग के लिए सरल एवं प्रभावी खरीद प्रक्रियाओं पर विशेष ज़ोर दिया गया है।

मंत्रालय ने कहा है कि मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद से रक्षा मंत्रालय के बजट में निरंतर बढोतरी की गयी है। वित्त वर्ष 2021-22 में रक्षा मंत्रालय का बजट 4.84 लाख करोड़ रुपये, 2022-23 में 5.25 लाख करोड़ रुपये, 2023-24 में 5.94 रुपये, 2024-25 में 6.2 लाख करोड़ रुपये और 2025-26 में 6.81 लाख करोड़ रुपये था।

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