श्रीगंगानगर , जनवरी 09 -- राजस्थान में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी शुक्रवार से राज्य के विभिन्न संगठनों के साथ बजट-पूर्व संवाद की शुरुआत करने जा रहे हैं, लेकिन राज्य के विकास और राजस्व के प्रमुख स्रोत माने जाने वाले विद्युत निगम के संगठनों को इस सूची में स्थान नहीं दिया गया है, जिससे बिजली क्षेत्र के कर्मचारियों और अधिकारियों में असंतोष है।

इस महत्वपूर्ण संवाद कार्यक्रम में राजस्थान के 95 कर्मचारी संगठनों को आमंत्रित किया गया है।

प्रांतीय विद्युत मंडल मजदूर फेडरेशन, (इंटक) राजस्थान के कार्यकारी अध्यक्ष और उत्पादन इंटक के महामंत्री श्यामसुंदर शर्मा ने आज इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि बिजली बोर्ड के कर्मचारी और अभियंता दिन-रात कड़ी मेहनत करके पूरे राज्य को रोशन रखते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि बजट निर्माण की प्रक्रिया में इन कर्मचारियों से बिजली विभाग की मांगों, सुधारों और चुनौतियों के संबंध में सुझाव लेना आवश्यक था।

श्री शर्मा ने बताया कि विद्युत निगम के कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए कई गंभीर मुद्दे लंबित हैं, जैसे कि पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) की बहाली, वेतन विसंगतियों का समाधान और डिस्कॉम (डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी) के निजीकरण जैसे मुद्दों पर चर्चा करने के लिये यह संवाद कार्यक्रम सबसे उपयुक्त मंच होता, लेकिन विद्युत निगम के संगठनों को न बुलाकर राजस्थान सरकार ने इन कर्मचारियों और अधिकारियों के साथ घोर अन्याय किया है।

श्री शर्मा ने कहा कि बिना एक मजबूत और सुदृढ़ विद्युत व्यवस्था के 'विकसित राजस्थान' की कल्पना करना असंभव है। उन्होंने कहा कि विद्युत क्षेत्र राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, जो न केवल राजस्व उत्पन्न करता है बल्कि कृषि, उद्योग और घरेलू जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ऐसे में, विद्युत संगठनों को इस संवाद से बाहर रखना न केवल निराशाजनक है बल्कि राज्य के समग्र विकास के लिए हानिकारक भी साबित हो सकता है। श्री शर्मा ने इस अवसर पर राजस्थान सरकार से आग्रह किया है कि विद्युत निगम के सभी संबंधित संगठनों को भी तत्काल आमंत्रित किया जाये, ताकि राज्य की ऊर्जा नीति, बिजली उत्पादन-वितरण की चुनौतियों और कर्मचारियों के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर सार्थक और सकारात्मक चर्चा हो सके।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित