चंडीगढ़ , जनवरी 07 -- हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बुधवार को कहा कि बजट-पूर्व परामर्श बैठकें सहभागी लोकतंत्र, सहयोगात्मक शासन और साझा जिम्मेदारी का सशक्त उदाहरण हैं। श्री सैनी को गुरुग्राम के सेक्टर-44 स्थित अपैरल हाउस में आयोजित बैठक में चार्टर्ड अकाउंटेंट, वकील, आर्किटेक्ट, पर्यावरणविद, डॉक्टर और विभिन्न क्षेत्रों के पेशेवरों ने बजट से जुड़े सुझाव दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज के प्रबुद्ध वर्ग के ये पेशेवर नीति निर्माण, वित्तीय अनुशासन, कानूनी परामर्श, पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास में मार्गदर्शक भूमिका निभाते हैं। सुशासन की मजबूत नींव इन्हीं स्तंभों पर टिकी है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष प्राप्त 43 सुझावों में से 15 को बजट 2025-26 में शामिल किया गया। इनमें एकमुश्त निपटान योजना, ईटीओ द्वारा धारा 61 के तहत स्वतः संज्ञान जांच, जीएसटी अधिनियम की धारा 66 के अंतर्गत विशेष लेखापरीक्षा हेतु चार्टर्ड अकाउंटेंट पैनल, ईटीओ और डीईटीसी कार्यालयों में सीसीटीवी स्थापना जैसे कदम शामिल हैं। साथ ही कृषि उपकरणों पर जीएसटी राहत, जीएसटी रिफंड का स्वचालन, नई ई-कचरा नीति, अरावली जंगल सफारी, प्राण वायु देवता पेंशन योजना और पर्यावरण प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना जैसे निर्णय लिए गए।
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