पेरिस , जनवरी 23 -- फ्रांस की सरकार के खिलाफ लाये गए दो अविश्वास प्रस्ताव शुक्रवार को गिर गए जिससे प्रधानमंत्री सेबस्टियन लेकोर्नू की सरकार पर मंडरा रहा संकट फिलहाल टल गया है।

अविश्वास प्रस्ताव के गिरने से वर्ष 2026 के लिए पूर्ण राज्य बजट को अपनाने की दिशा में एक बड़ी बाधा दूर हो गई है।

वामपंथी दल 'फ्रांस अनबोड' द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव को 269 सांसदों का समर्थन मिला, जो इसे पारित करने के लिए आवश्यक बहुमत से केवल 19 मत कम रहा। वहीं, धुर दक्षिणपंथी 'नेशनल रैली' के पेश किए गए दूसरे प्रस्ताव को मात्र 142 सांसदों का ही समर्थन मिल सका। इन प्रस्तावों के गिरने के साथ ही लेकोर्नू सरकार ने राहत की सांस ली है।

विपक्षी दलों ने यह कदम प्रधानमंत्री लेकोर्नू के संविधान के एक खास अनुच्छेद का उपयोग करने के निर्णय के विरोध में उठाया था। सरकार इस संवैधानिक प्रावधान का सहारा लेकर बिना संसदीय मतदान के ही 2026 का बजट पारित करने का प्रयास कर रही है। , इसके जवाब में विपक्ष को अविश्वास प्रस्ताव लाने का अधिकार था।

श्री लेकोर्नू ने मंगलवार को राजस्व से जुड़े बजटीय प्रावधानों के लिए इस शक्ति का उपयोग किया था और अब सरकारी खर्चों से जुड़े अंतिम हिस्से को पारित करने के लिए भी इसे फिर से इस्तेमाल करने की उम्मीद है।

प्रधानमंत्री लेकोर्नू की सरकार को बचाने में मध्यमार्गी समाजवादियों ने 'किंगमेकर' की भूमिका निभाई। उन्होंने सरकार को गिराने की कोशिश नहीं की क्योंकि प्रधानमंत्री ने अंतिम समय में उन्हें बजट में कई रियायतें देने का आश्वासन दिया था।

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