सोलन/शिमला , नवंबर 16 -- हिमाचल प्रदेश में सोलन पुलिस ने एक निजी फर्म से जुड़े 3.49 करोड़ रुपये के ऋण चूक मामले में अदालत में बार-बार पेश नहीं होने पर शिमला के ठियोग से एक गारंटर को गिरफ्तार किया है।
यह मामला बघाट सहकारी बैंक की गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों से जुड़े काफी समय से लंबित बकाये की वसूली से जुड़ा हुआ है। पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह ने कहा कि सोलन की सहकारी सहमितियों के सहायक रजिस्ट्रार ने 25 अक्टूबर को ठियोग के सतोग गांव निवासी राजेश कुमार के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। कुमार एक निजी फर्म के लिए गारंटर के रूप में खड़ा हुआ था, जिसने बघाट बैंक से एक बड़ा ऋण लिया था, लेकिन निर्धारित अवधि के भीतर राशि चुकाने में विफल रही। बाद में फर्म को डिफॉल्टर घोषित कर दिया गया, जिस पर ब्याज सहित 3,49,26,957 रुपये का बकाया हो गया। कई नोटिसों के बावजूद कुमार अदालत में उपस्थित नहीं हुए, जिसके कारण अदालत को भूमि राजस्व अधिनियम, 1954 के तहत वारंट जारी करना पड़ा। अदालत के निर्देश पर कार्रवाई करते हुए, सोलन पुलिस की एक टीम ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया और सहायक रजिस्ट्रार की अदालत में पेश किया।
उन्होंने कहा कि यह गिरफ्तारी सोलन पुलिस द्वारा प्रवर्तन उपायों को और कड़ा करने का संकेत देती है। पुलिस ने बघाट बैंक के एनपीए मामलों से जुड़े वारंटों की तामील के लिए शिमला जिले में भी अभियान चलाया है। गौरतलब है कि ब्रिटिश शासन से पहले बघाट रियासत काल में स्थापित यह बैंक बढ़ते डिफॉल्ट से जूझ रहा है, जिसके कारण एक समन्वित वसूली अभियान चलाया जा रहा है। जिन 22 लोगों के खिलाफ वारंट जारी किए गए थे, उनमें से 11 को गिरफ्तार कर लिया गया है या उन्होंने आत्मसमर्पण कर दिया है। अब शेष 11 डिफॉल्टरों की तलाश जारी है, जिनमें से शिमला और सिरमौर जिलों से दस-दस और सोलन से एक व्यक्ति शामिल है। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि जैसे-जैसे कई जिलों में वसूली के प्रयास तेज होंगे, और गिरफ्तारियाँ होने की उम्मीद है।
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