बैतूल , फरवरी 28 -- मध्यप्रदेश के बैतूल जिले के 18 मजदूरों को महाराष्ट्र के सोलापुर जिले से बंधुआ मजदूरी की स्थिति से मुक्त कराया गया है।

मजदूरों का आरोप है कि उन्हें मजदूरी का झांसा देकर ले जाया गया और तीन महीने तक बंधक बनाकर जबरन गन्ना कटाई का काम कराया गया। मुक्त कराए गए मजदूरों ने ठेकेदार और एजेंट के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने तथा बकाया मेहनताना दिलाने की मांग की है।

आधिकारिक जानकारी के अनुसार, मुक्त कराए गए मजदूर बैतूल जिले के भीमपुर विकासखंड अंतर्गत धुंधरी गांव तथा हरदा जिले के दिदमदा गांव के निवासी हैं। मजदूरों ने बताया कि उन्हें एजेंट और ठेकेदार द्वारा बेहतर मजदूरी का लालच देकर महाराष्ट्र के सोलापुर जिले के पानमंगुर गांव ले जाया गया था, जहां पहुंचने के बाद उन्हें बंधक बना लिया गया और जबरन काम कराया जाने लगा।

मजदूरों के मुताबिक, उनसे प्रतिदिन 16 से 18 घंटे तक गन्ना कटाई का कार्य कराया जाता था। काम के दौरान विरोध करने या आराम करने की कोशिश करने पर उन्हें गालियां दी जाती थीं और मारपीट की जाती थी। उन्होंने आरोप लगाया कि शौच के लिए जाने तक पर निगरानी रखी जाती थी और देरी होने पर पिटाई की जाती थी। मजदूरों को अपने परिजनों से संपर्क करने के लिए मोबाइल फोन का उपयोग करने की अनुमति भी नहीं दी गई।

मजदूरों ने यह भी आरोप लगाया कि एजेंट और ठेकेदार ने मजदूरी का कोई भुगतान नहीं किया और उनका मेहनताना हड़प लिया। एक एजेंट द्वारा चार लाख रुपये भुगतान का आश्वासन दिया गया था, लेकिन मजदूरों को एक भी रुपया नहीं मिला। लंबे समय तक शोषण झेलने के बाद मजदूरों ने किसी तरह एक संस्था के हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क कर मदद मांगी।

सूचना मिलने पर संस्था की टीम बैतूल से सोलापुर पहुंची और स्थानीय प्रशासन के सहयोग से सभी मजदूरों को मुक्त कराया गया। बैतूल जिला प्रशासन ने भी इस मामले में सक्रिय भूमिका निभाई और बैतूल कलेक्टर द्वारा सोलापुर कलेक्टर से समन्वय स्थापित कर मजदूरों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की गई।

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