करीमनगर , मार्च 20 -- केंद्रीय गृह राज्य मंत्री बंडी संजय कुमार ने शुक्रवार को वित्त वर्ष 2026-27 के लिए तेलंगाना सरकार की बजट की आलोचना करते हुए इसे "धोखा, फरेब और जनता को गुमराह करने वाला बजट" करार दिया।

श्री कुमार ने शुक्रवार को संवाददाताओं से बातचीत करते हुए आरोप लगाया कि यह बजट आंकड़ों के शोर और बड़े-बड़े दावों से भरा है, लेकिन इसमें कोई ठोस बात नहीं है। उन्होंने कांग्रेस सरकार पर वित्तीय कुप्रबंधन और राज्य पर कर्ज का बोझ बढ़ाने का आरोप लगाते हुए कहा कि अतिरिक्त एक लाख करोड़ रुपये का कर्ज लेने की योजना शर्मनाक है।

उन्होंने कहा कि सरकार अपने मुख्य वादों को पूरा करने में विफल रही है, विशेष रूप से किसानों, महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों से जुड़े वादों को। 'रायथु भरोसा' योजना के क्रियान्वयन पर सवाल उठाते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि कई किस्तों का भुगतान अभी भी बकाया है और बटाईदार किसानों तथा खेतिहर मजदूरों की अनदेखी की गई है।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता ने महिलाओं को वित्तीय सहायता, बेरोजगारी भत्ता और वरिष्ठ नागरिकों की पेंशन में वृद्धि जैसे वादों को पूरा न करने के लिए भी सरकार की आलोचना की। उन्होंने दावा किया कि विद्यार्थियों के लिए प्रस्तावित 'भरोसा कार्ड' के लिए बजट में कोई आवंटन नहीं किया गया है और इस बजट को कांग्रेस पार्टी की 'छह गारंटियों' के लिए "मौत की घंटी" करार दिया।

श्री कुमार ने शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों के लिए बजट आवंटन पर भी चिंता जताई और कहा कि ज़्यादा विफंडिंग की सिफ़ारिशों के बावजूद शिक्षा को बजट का सिर्फ़ 8 प्रतिशत ही मिला है। उन्होंने पिछड़े वर्गों, अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के लिए किए गए आवंटन पर भी सवाल उठाए और आरोप लगाया कि प्राथमिकताओं में असंतुलन है। उन्होंने सरकार द्वारा किए गए निवेश के दावों में स्पष्टता की कमी की आलोचना की और सरकार को चुनौती दी कि वह वैश्विक शिखर सम्मेलनों के ज़रिए कथित तौर पर हासिल किए गयी राशि का ब्योरा सार्वजनिक करें। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विकास कार्यों के लिए केंद्र सरकार पर बहुत ज़्यादा निर्भर है।

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