कोलकाता , नवम्बर 17 -- पश्चिम बंगाल राजभवन परिसर में सोमवार को चलाए गए एक अभूतपूर्व तलाशी अभियान में सुरक्षा बलों को किसी भी तरह की संदिग्ध सामग्री नहीं मिली।

राज्यपाल सी. वी. आनंद बोस ने स्वयं इस तलाशी अभियान की शुरुआत की और इसकी निगरानी भी की जब तृणमूल कांग्रेस सांसद कल्याण बनर्जी ने ये आरोप लगाया कि राजभवन में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अपराधियों को हथियार बाँटे जा रहे हैं। राज्यपाल उत्तर बंगाल का दौरा बीच में रोक कर दोपहर में लौटे और तलाशी अभियान की शुरूआत की।

तलाशी में कोलकाता पुलिस, राजभवन पुलिस चौकी, सीआरपीएफ, बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉड के सदस्य शामिल थे। भूतल पर बने कमरों और कार्यालयों की जाँच पहले की गई, फिर एक-एक कर ऊपरी मंजिलों का निरीक्षण किया गया।

संवाददाताओं को भी तलाशी अभियान के दौरान अंदर ले जाया गया, और राज्यपाल बार-बार कहते रहे कि इस कार्रवाई का उद्देश्य पारदर्शिता और सच्चाई स्थापित करना है।

तलाशी पूरी होने के बाद राज्यपाल बोस ने कहा, "राजभवन के अंदर कहीं भी कुछ नहीं मिला।" उन्होंने यह भी कहा कि सांसद का आरोप निराधार था और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

श्री बोस पहले ही श्री बनर्जी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दे चुके हैं।

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