कोलकाता , दिसंबर 04 -- चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल के 30 विधानसभा क्षेत्रों में 30 बूथों की पहचान की है, जहां 2025 की मतदाता सूची में माता-पिता की जानकारी में बड़े अंतर पाए गये हैं, जिसके बाद सभी मतदान केंद्रों पर मतदाताओं के माता-पिता के बारे में जानकारी हासिल करने का आदेश दिया गया है।
इन गड़बड़ियों में वे मतदाता शामिल हैं जो 2002 में मतदाता नहीं थे, लेकिन उन माता-पिता से जुड़े हैं जिनके नाम 2025 की प्रविष्टी से मेल नहीं खाते हैं। तीस लाख मतदाताओं को प्रभावित करने वाली संभावित गलतियों ने आयोग को तुरंत सत्यापन के लिए बूथ स्तरीय अधिकारी (बीएलओ) तैनात करने पर मजबूर कर दिया है।
आयोग ने इसकी रिपोर्ट सात दिन में देने के लिए कहा है। निर्वाचन सदन की सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) टीम ने बंगाल के 7.66 करोड़ मतदाताओं के लिए अपलोड किए गए फॉर्मों का विश्लेषण किया।
टीम ने राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज अग्रवाल को इस बारे में जानकारी दी, जिसके बाद उनके कार्यालय ने जांच की और बड़े पैमाने पर गड़बड़ी पाया। इसके बाद उन्होंने राज्य में बूथ-स्तर पर मतदाताओं के माता-पिता के संबंध में जानकारी हासिल करने का निर्देश दिये ताकि विधानसभा चुनाव से पहले बिना गलती के मतदाता सूची तैयार किया जा सके। आयोग के सूत्रों ने बताया कि सभी अलग-अलग 30 विधानसभा क्षेत्रों में 30 बूथों में गड़बड़ियां पायी गयी हैं। इनमें से सबसे ज़्यादा गड़बड़ियां दक्षिण 24-परगना से प्राप्त हुयी हैं।
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