कोलकाता , जनवरी 07 -- चुनाव आयोग ने कहा है कि पश्चिम बंगाल में प्रवासी मजदूरों और राज्य से बाहर रह रहे मतदाताओं को चुनावी सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दूसरे चरण के दौरान सुनवाई के लिए व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने की आवश्यकता नहीं होगी।

आयोग के सूत्रों ने बताया कि इस प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए एक खास पोर्टल लॉन्च किया जाएगा। राज्य से बाहर रहने वाले मतदाताओं को अगर सुनवाई के लिए नोटिस दिया जाता है, तो उन्हें पोर्टल पर लॉग इन करके अपने दस्तावेज अपलोड करने की अनुमति होगी। इसके अलावा, ज़रूरी डॉक्यूमेंट संबंधित बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) के व्हाट्सऐप नंबर के ज़रिए भी जमा किए जा सकते हैं।

मुख्य चुनाव अधिकारी (सीईओ) कार्यालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि व्यक्ति को सुनवाई में शारीरिक रूप से मौजूद रहने की ज़रूरत नहीं है। संबंधित व्यक्ति दस्तावेज़ अपलोड कर सकता है और उसे स्वीकार कर लिया जाएगा। जमा किए गए दस्तावेज़ों की अगले चरण में जांच की जाएगी, जिसके बाद यह फैसला लिया जाएगा कि व्यक्ति का नाम अंतिम चुनावी सूची में शामिल किया जाएगा या नहीं। यही प्रक्रिया उन बाहरी राज्यों के मतदाताओं पर भी लागू होगी जो ऑनलाइन अपना नाम दर्ज कराना चाहते हैं। ऐसे मामलों में उन्हें अपने मौजूदा स्थान और पेशे के बारे में जानकारी देनी पड़ सकती है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित