कोलकाता , दिसंबर 08 -- चुनाव आयोग ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की निगरानी तेज करने के लिए पश्चिम बंगाल में पांच अतिरिक्त पर्यवेक्षकों को तैनात किया है।
पर्यवेक्षक राज्य के पांच संभागों, प्रेसिडेंसी, मेदिनीपुर, बर्दवान, मालदा और जलपाईगुड़ी में एसआईआर की देखरेख करेंगे क्योंकि जिला अधिकारियों द्वारा पहले प्रस्तुत किए गये आंकड़ों पर सवाल उठाए गये थे। नये पर्यवेक्षक कुमार रविकांत सिंह, नीरज कुमार बंसोड़, आलोक तिवारी, पंकज यादव और कृष्णकुमार निराला हैं।
वे विभिन्न जिलों में पहले से तैनात 12 एसआईआर पर्यवेक्षकों के साथ मिलकर काम करेंगे। आयोग ने इससे पहले सुब्रत गुप्ता को राज्य का विशेष पर्यवेक्षक नियुक्त किया था।
चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, शुक्रवार तक संशोधन अभियान में बंगाल की मतदाता सूची से 54,59,541 नाम हटाए गए हैं। इनमें से 23,71,239 मृत मतदाता हैं। शेष नामों में वे मतदाता शामिल हैं जिन्होंने अपना निवास स्थान बदल लिया है, जिनका पता नहीं चल सका है या वे मतदाता जिन्हें अमान्य या फर्जी घोषित किया गया है।
आयोग ने कहा है कि इन आंकड़ों की सटीकता सर्वोच्च प्राथमिकता है इसलिए संभाग-स्तरीय आंकड़ों की पुष्टि करने के लिए अतिरिक्त पर्यवेक्षकों की तैनाती की गई है। आयोग के लिए एक प्रमुख चिंता पिछली रिपोर्टों में विसंगतियां रही हैं।
चुनाव आयोग की चिंता इस बात से उत्पन्न हुई है कि जिला चुनाव अधिकारियों (डीईओ) ने चुनाव आयोग को सूचित किया था कि 2,208 मतदान केंद्रों पर पिछले वर्ष कोई मौत या पलायन दर्ज नहीं किया गया था लेकिन चुनाव आयोग द्वारा स्पष्टीकरण मांगे जाने के बाद मतदान केंद्रों की संख्या घटकर केवल सात रह गई।
बंगाल में 12 अन्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ चार नवंबर को शुरू हुई एसआईआर प्रक्रिया की समय-सीमा में संशोधन किया गया है। मूल रूप से, गणना प्रपत्र चार दिसंबर तक ईसीआई पोर्टल पर अपलोड होना था, जिसमें मसौदा पत्र नौ दिसंबर को और अंतिम नामावली सात फरवरी, 2026 को प्रकाशित होनी थीं। हालांकि, 30 नवंबर को एक अधिसूचना द्वारा समय सीमा सात दिन बढ़ा दी गई।
संशोधित कार्यक्रम के अनुसार, गणना प्रपत्र जमा करने और अपलोड करने का काम 11 दिसंबर तक पूरा हो जाना चाहिए। 12 से 15 दिसंबर तक मसौदा मतदाता सूची तैयार की जाएगी और 16 दिसंबर को मसौदा मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।
मसौदा नामावलियों से संबंधित आपत्तियां और दावे 15 जनवरी तक दर्ज किए जा सकते हैं, आयोग ने मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को सूचित किया है कि अगर आवश्यक हुआ तो अतिरिक्त सात दिन दिए जा सकते हैं।
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