कोलकाता , नवंबर 19 -- पश्चिम बंगाल के राज्यपाल डॉ. सी वी आनंद बोस की ओर से राजभवन ने सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस सांसद कल्याण बनर्जी के खिलाफ हरे स्ट्रीट थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी गयी है।
गौरतलब है कि श्रीरामपुर से सांसद श्री बनर्जी ने कथित तौर पर श्री बोस पर राजभवन में हथियार एवं बम जमा करने और तृणमूल कांग्रेस नेताओं को मारने के लिए इसे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को मुहैया कराने का आरोप लगाया था।
भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 151 के तहत दर्ज की गयी यह प्राथमिकी गैर-जमानती है और इसे राजभवन की ओर से एक विशेष कार्य अधिकारी (ओएसडी) की ओर से दर्दाज करायी गयी है। श्री बनर्जी के खिलाफ बीएनएस की धारा 151, 152, 197, 196ए, 196बी, 353-1बी, 353सी और 353-2 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
राजभवन के सूत्रों ने बताया कि सांसद की टिप्पणी न केवल राजनीति से प्रेरित है, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी खतरा है। राज्यपाल ने कहा था कि वह राजभवन से हथियार वितरित किये जाने संबंधी टिप्पणी के लिए तृणमूल सांसद के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेंगे।
राज्यपाल ने श्री बनर्जी की शनिवार की कथित भड़काऊ और निराधार टिप्पणी के लिए उनके के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की धमकी दी थी। श्री बनर्जी ने बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पर श्री बोस के हालिया बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा था कि इससे पश्चिम बंगाल में मतदाता सूचियों को 'शुद्ध' करने में मदद मिली है। श्री बनर्जी ने कथित तौर पर कहा, "जब तक आप जैसे अक्षम राज्यपाल रहेंगे, तब तक भाजपा का सेवक राज्यपाल रहेगा, आप पश्चिम बंगाल में कभी भी कुछ अच्छा होते नहीं देखेंगे।"राजभवन ने रविवार को एक आधिकारिक बयान में कल्याण से माफी की मांग की थी और मामले की तत्काल जांच करने को कहा था। राजभवन ने कहा था कि सांसद के आरोपों से राज्यपाल की "जेड-प्लस" श्रेणी की सुरक्षा का उल्लंघन होने का संकेत मिलता है। श्री बोस और श्री बनर्जी के बीच टकराव सोमवार को और बढ़ गया। श्री बनर्जी ने कोलकाता पुलिस से मांग की कि वह राजभवन परिसर में तलाशी अभियान चलाने के लिए अपने बम निरोधक दस्ते, एक खोजी कुत्ते, आपदा प्रबंधन टीम और नागरिक सुरक्षा विभाग को तैनात करे, ताकि पता लगाया जा सके कि वहां हथियार और गोला-बारूद तो नहीं रखा गया है।
स्थिति उस समय और बिगड़ गयी जब राज्यपाल ने कोलकाता पुलिस को अपने बम निरोधक दस्ते, खोजी कुत्तों, आपदा प्रबंधन दल और नागरिक सुरक्षा कर्मियों को राजभवन में कथित रूप से रखे गए हथियारों और गोला-बारूद की तलाशी लेने के लिए तैनात करने को कहा। राज्यपाल की देखरेख में चलाए गए तलाशी अभियान में राजभवन के सभी कमरे और लॉन शामिल थे। कोई हथियार या विस्फोटक नहीं मिला।
श्री बोस ने कहा, "तलाशी के दौरान कुछ भी नहीं मिला। मैं श्री बनर्जी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करूंगा। बंगाल में राज्यपाल के खिलाफ गलत और फर्जी आरोप लगाने की परंपरा है। लेकिन अगर फर्जी आरोप लगाए गए तो मैंने कड़ी कार्रवाई करने का फैसला किया है। "राजभवन के सूत्रों ने श्री बनर्जी की टिप्पणी को अपमानजनक और देश की एकता और अखंडता को नुकसान पहुंचाने वाला बताया।
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