नयी दिल्ली , दिसंबर 05 -- पश्चिम बंगाल में बीरभूम जिले के बंगला भाषी श्रमिकों को ओडिशा में बंगलादेशी करार देने के प्रयास किये जाने आरोप लगाते हुए तृणमूल कांग्रेस के सदस्यों ने शुक्रवार को लोक सभा में इसका विरोध किया और इस पर रोक लगाने की मांग की।
तृणमूल कांग्रेस की शताब्दी राय ने शून्य काल में यह मामला उठाते हुए कहा कि ओडिशा में कुछ प्रवासी श्रमिक बंगला भाषी हैं, इस पर उन्हें बंगलादेशी नागरिक करार देने के प्रयास किये जा रहे हैं और उन्हें बंगलादेश भेजने की कोशिश हो रही है। उन्होंने कहा कि बंगला बोलने पर ही किसी को बंगलादेशी नागरिक मानकर उन्हें बंगलादेश नहीं भेजा जा सकता। किसी को बंगला बोलने पर बंगलादेश न भेजा जाये।
इसके बाद पीठासीन कृष्ण प्रसाद तेन्नटी ने भारतीय जनता पार्टी के जुगल किशोर को बोलने का मौका दे दिया। सुश्री राय तब तक अपनी बात पूरी नहीं कर पायीं थी, इससे नाराज होकर तृणमूल के सदस्य शोरशराबा करने लगे। श्रीमती महुआ मोइत्रा और श्रीमती राय श्री जुगल किशोर के नजदीक आकर शोरगुल करने हुए विरोध जताने लगीं। समाजवादी पार्टी के सदस्यों ने भी तृणमूल कांग्रेस के सदस्यों का साथ देते हुए शोरगुल किया और सुश्री राय को अपनी बात पूरी करने का मौका दिये जाने की मांग की।
इस पर श्री तेन्नटी ने कहा कि वह सुश्री राय को फिर मौका देंगे, तब तृणमूल कांग्रेस के सदस्य अपने- अपने स्थानों पर लौट गये। इसके बाद सुश्री राय ने मांग की कि बंगला बोलने पर किसी को बंगलादेशी नागरिक ठहराया जाना बहुत गलत है और उन्होंने सरकार से इस पर रोक लगाने की मांग की।
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