ढाका , मार्च 28 -- बंगलादेश के गृह मंत्री सलाहुद्दीन अहमद ने कहा है कि देश का संविधान जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप संशोधित किया जाएगा और इसमें जुलाई 2024 के विद्रोह में जान गंवाने वालों को प्राथमिकता दी जाएगी।
राजशाही के सरदाह स्थित बंगलादेश पुलिस अकादमी में प्रशिक्षण परेड के बाद उन्होंने कहा कि प्रस्तावित सुधार "जुलाई चार्टर" के आधार पर किए जाएंगे, जिस पर अशांति के बाद सभी राजनीतिक दलों के बीच सहमति बनी थी। यह चार्टर संविधान में बदलाव के दायरे और दिशा तय करने का मार्गदर्शक दस्तावेज होगा।
गृह मंत्री ने बताया कि इसके लिए एक संविधान सुधार समिति का गठन किया जाएगा, जो व्यापक परामर्श के बाद संशोधन के सुझाव तैयार करेगी। यह समिति राजनीतिक दलों, कानूनी विशेषज्ञों और सिविल सोसाइटी के प्रतिनिधियों से बातचीत कर महत्वपूर्ण संवैधानिक प्रावधानों की समीक्षा करेगी।
संविधान संशोधन के तहत बंगलादेश मुक्ति संग्राम के ऐतिहासिक पहलुओं पर भी विचार किया जाएगा। खासकर पूर्व राष्ट्रपति जियाउर रहमान की भूमिका को लेकर बहस जारी है। समिति इस बात पर विचार करेगी कि क्या उन्हें संविधान में औपचारिक रूप से स्वतंत्रता के उद्घोषक के रूप में मान्यता दी जानी चाहिए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी प्रस्तावित संशोधन संसद में पेश किए जाएंगे और उन्हें संवैधानिक प्रक्रिया के तहत कई चरणों में मंजूरी लेनी होगी। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य ऐसे सुधार करना है जो संस्थागत रूप से मजबूत हों और जनता के साथ-साथ जुलाई विद्रोह के शहीदों की आकांक्षाओं के अनुरूप हों।
देश के राजनीतिक दलों में हालांकि, "जुलाई चार्टर" को लेकर राजनीतिक दलों में मतभेद भी बने हुए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह प्रक्रिया देश के मूल सिद्धांतों, शासन संरचना और ऐतिहासिक व्याख्याओं में बड़े बदलाव ला सकती है। फिलहाल समयसीमा तय नहीं की गई है, लेकिन सुधार समिति का गठन बंगलादेश के हालिया इतिहास में सबसे महत्वपूर्ण संवैधानिक बदलावों की दिशा में पहला ठोस कदम माना जा रहा है।
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