कोटा , जनवरी 08 -- राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने केन्द्र सरकार से बंगलादेश में हो रहे मानवाधिकार हनन एवं अल्पसंख्यक हिन्दुओं पर अत्याचार के मामलों में उचित कदम उठाने की अपील करते हुए कहा है कि विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र के नाते हमारा दायित्व है कि सबसे निकटतम पड़ोसी देश में लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं और मानवाधिकारों की रक्षा की जाए।

श्री देवनानी गुरुवार को यहां वर्धमान महावीर खुला विश्वविद्यालय में 'बंगलादेश में मानवाधिकार एवं लोकतंत्र' विषय पर आयोजित विशेष व्याख्यान में मुख्य वक्ता के रूप में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि 1971 में शेख मुजीबुर्रहमान के नेतृत्व में हुए आंदोलन के बाद तत्कालीन पूर्वी पाकिस्तान एक नए देश के रूप में बंगलादेश बना। बंगलादेश को एक स्वतंत्र देश के रूप में स्थापित करने में भारत का बहुत बड़ा योगदान था। तब से लेकर बंगलादेश को भारत की ओर से हमेशा मदद की जाती रही है लेकिन हाल में घटित कुछ घटनाक्रमों के बाद बंगलादेश में लोकतांत्रिक प्रणाली तहस-नहस हो चुकी है। वहां किसी सरकार के होने की भी कोई अनुभूति नहीं है। उन्होंने कहा कि बंगलादेश में चुनावों की घोषणा जरूर हुई है लेकिन वहां यह चुनाव स्वतंत्र होंगे, इसकी संभावना नगण्य है।

उन्होंने कहा कि बंगलादेश में अल्पसंख्यक हिन्दुओं पर अत्याचार हो रहे हैं। उनकी संपत्तियां लुटी जा रही हैं और उनकी हत्या की घटनाएं भी मीडिया के माध्यम से सामने आई हैं। उन्होंने कहा कि बंगलादेश के इस घटना क्रम पर विश्व के कई देशों ने चुप्पी साध रखी है। उन्होंने सवाल किया कि बंगलादेश में मानवाधिकारों के हनन पर विश्वभर में मानवाधिकार पर बोलने वाले देश एवं अन्तर्राष्ट्रीय संस्थाएं चुप क्यों हैं।

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