अगरतला , जनवरी 07 -- विश्व हिंदू परिषद (विहिप) और सनातनी समुदाय के सदस्यों ने भारत- बंगलादेश सीमा पर उत्तरी त्रिपुरा में स्थित राघना लैंड कस्टम स्टेशन (एलसीएस) पर अपना विरोध प्रदर्शन जारी रखा है। वे सीमा पार धार्मिक अल्पसंख्यकों के खिलाफ कथित अत्याचारों, उत्पीड़न और लक्षित हिंसा के कारण बंगलादेश के साथ व्यापार बंद करने की मांग कर रहे हैं।
इससे पहले, हिंदू समूहों ने पश्चिम त्रिपुरा के अखौरा एलसीएस और उनाकोटी जिले के मनुघाट सीमा पर भी इसी तरह का प्रदर्शन किया था, जिसमें बंगलादेश के साथ व्यापार स्थगित करने की मांग की गई थी। उन्होंने स्थानीय अधिकारियों के माध्यम से भारत सरकार को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें व्यापार निलंबन के संबंध में निर्णय लेने का आग्रह किया गया था।
विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के बड़ी संख्या में समर्थकों ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया और राघना लैंड कस्टम स्टेशन (एलसीएस) के माध्यम से भारत और बंगलोदश के बीच आयात-निर्यात गतिविधियों को तत्काल बंद करने की मांग की। उन्होंने पड़ोसी बंगलादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं पर जारी अत्याचारों, व्यवस्थित उत्पीड़न और लक्षित हत्याओं के प्रति गंभीर चिंता और गहरा आक्रोश व्यक्त किया।
ज्ञापन में कहा गया कि बार-बार होने वाली हिंसा "असहनीय सीमा तक पहुंच गई है", जिसके कारण उत्तरी त्रिपुरा के लोग सीमा के माध्यम से बंगलादेश के साथ किसी भी प्रकार के व्यापार, वाणिज्य या संचार का विरोध कर रहे हैं। ज्ञापन में कहा गया, "हम राघना सीमा को तत्काल बंद करने और सभी द्विपक्षीय व्यापार गतिविधियों को निलंबित करने की पुरजोर मांग करते हैं। राष्ट्रीय गरिमा और हमारे समुदाय की सुरक्षा आर्थिक संबंधों से ऊपर होनी चाहिए।" इसके साथ ही प्रशासन से उनकी चिंताओं को उच्च अधिकारियों तक पहुंचाने का आग्रह किया गया।
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