बारां , जनवरी 05 -- बंगलादेश में हिंदू समुदाय पर हाे रहे अत्याचार एवं बर्बरता का मुखर स्तर पर विरोध होना चाहिए, इस मामले में सरकार को आंखें मूंदकर समय नहीं बिताना चाहिए।
प्रसिद्ध भारतीय आध्यात्मिक गुरु एवं श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष, राष्ट्रीय संत स्वामी गोविंद देव गिरी ने सोमवार को राजस्थान में बारां में पत्रकारों से कहा कि अत्याचार सहते जाएंगे, तो धर्म की हानि होगी। ऐसे में हमें आभास हो रहा है कि केंद्र सरकार बंगलादेश मामले को लेकर गंभीर है, सरकार संवेदनहीन नहीं है। उन्होंने कहा कि लगता है, अब कुछ बड़ा होने वाला है। केंद्र सरकार को भी योग्य निर्णय का इंतजार है। विलंब का कारण अंतरराष्ट्रीय हालात को ध्यान में रखना भी होता है।
स्वामी देवगिरी ने कहा कि धर्म विवेद संविधान की दृष्टि से देखा जाये, तो उनका स्पष्ट मत है कि वह धर्म को एक मानते हैं। धर्म का मूल उद्देश्य क्या है, धर्म क्या है, यह समझना होगा। धर्म की व्याख्या होती है। व्यक्ति, समाज, प्रकृति और परमात्मा शामिल होते हैं। मानव मात्र के लिए एक ही धर्म है, क्योंकि धर्म विश्वव्यापी है इसमें सौदेबाजी नहीं होनी चाहिए।
युवा पीढ़ी को संदेश देते हुए स्वामी गोविंददेव गिरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अयोध्या राम मंदिर पर ध्वजारोहण के समय संदेश दिया था कि आने वाले 10 वर्षों में गुलामी का जो चित्र है, वह समाप्त हो जाएगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान में युवकों का रुझान हमारी सनातन, संस्कृति की ओर बढ़ रहा है, जिसका उदाहरण यह है कि नये वर्ष में युवाओं की भारी तादाद एवं भीड़ मंदिरों में दर्शनार्थ थी। अब युवा भटक नहीं रहे हैं, अपनी संस्कृति की ओर बढ़ रहेहैं।
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