चिकमंगलूरु , जनवरी 04 -- कर्नाटक के चिकमंगलूरु और हासन जिले में कॉफी एस्टेट में बंगलादेशी नागरिकों के काम करने को लेकर बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने आपत्ति जतायी है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार इन दोनों जिलों के कॉफी एस्टेट में 25,000 से ज़्यादा अवैध बंगलादेशी अप्रवासी काम कर रहे हैं जिनके खिलाफ कार्रवाई की मांग उठ रही है। आलोचकों ने स्थानीय अधिकारियों पर निष्क्रियता और पुलिस की गलत कार्रवाई का आरोप लगाया है।

राज्य के मुदिगेरे शहर में पुलिस ने बजरंग दल और विहिप के नौ कार्यकर्ताओं के खिलाफ कथित तौर पर असम के प्रवासी श्रमिकों के आधार कार्ड और पहचान दस्तावेजों की जांच करने करने को लेकर स्वत: मामला दर्ज किया है। पुलिस के मुताबिक इन कार्रवाइयों से साप्ताहिक बाजार में भ्रम फैल गया और सार्वजनिक व्यवस्था खराब हुई।

इन दोनों संगठनों के कार्यकर्ताओं और स्थानीय निवासियों ने हालांकि पुलिस की कार्रवाई की आलोचना की है और इसे गलत और नुकसानदायक बताया है। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को इस मुद्दे को उठाने वाले नागरिकों को दंडित करने के बजाय आधिकारिक सत्यापन अभियान चलाना चाहिए था। जन समर्थक समूहों और हिंदू संगठनों ने कथित अवैध अप्रवासन से निपटने के बजाय व्हिसल ब्लोअर (इस मामले की जानकारी देने वाले कार्यकर्ता) को निशाना बनाने की निंदा की है।

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