हैदराबाद , जनवरी 23 -- बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष के.टी. रामा राव ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि फोन टैपिंग जांच के जरिए कांग्रेस सरकार "ध्यान भटकाने वाले नाटक" कर रही है। उन्होंने मीडिया से अपील की कि जांच से जुड़े कथित "बेबुनियाद लीक" को प्रकाशित न किया जाए।

जुबिली हिल्स पुलिस स्टेशन में विशेष जांच टीम (एसआईटी) की पूछताछ में शामिल होने के बाद शाम को तेलंगाना भवन में संवाददाताओं से बातचीत करते हुए श्री रामा राव ने कहा कि उन्होंने जांच में पूरा सहयोग किया और करीब सात से साढ़े सात घंटे तक सवालों के जवाब दिए।

श्री रामा राव ने दावा किया कि पिछले दो वर्षों में जांच के साथ लगातार लीक सामने आते रहे हैं, जो उनके अनुसार बीआरएस नेताओं के चरित्र हनन का प्रयास हैं और इससे उनके परिवारों को मानसिक पीड़ा पहुंची है। उन्होंने कहा कि उन्होंने एसआईटी अधिकारियों से इन लीक के लिए जिम्मेदार लोगों के बारे में पूछा, लेकिन अधिकारियों ने किसी भी भूमिका से इनकार करते हुए मीडिया रिपोर्टिंग को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया।

उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने अधिकारियों से सवाल किया कि क्या अब भी विपक्षी नेताओं के फोन टैप किए जा रहे हैं, लेकिन इस पर उन्हें कोई सीधा जवाब नहीं मिला। श्री रामा राव ने आरोप लगाया कि मंत्रियों को भी पत्रकारों से यह कहने के लिए मजबूर किया गया कि उनके फोन टैप हो रहे हैं।

पूछताछ को "बिना किसी ठोस आधार" का बताते हुए श्री रामा राव ने कहा कि अधिकारी केवल नाम पढ़ते रहे और बार-बार पूछते रहे कि क्या वह उन्हें जानते हैं। उन्होंने दोहराया कि बीआरएस किसी भी जांच में सहयोग करेगी, लेकिन सरकार की विफलताओं, भ्रष्टाचार और ध्यान भटकाने की रणनीति को उजागर करना जारी रखेगी।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित