मुद्देबिहल (कर्नाटक) , नवंबर 11 -- कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सीएस नादगौड़ा ने आगामी कैबिनेट विस्तार में मंगलवार को मंत्री पद की सार्वजनिक रूप से मांग करते हुये चेतावनी दी कि उन्हें मंत्री पद न देने से स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं का पार्टी के प्रति विश्वास कम हो सकता है।
श्री नादगौड़ा की सार्वजनिक मांग ने कांग्रेस नेतृत्व को गंभीर स्थिति में डाल दिया है। अगर इसे स्वीकार कर लिया जाता है, तो यह अन्य वरिष्ठ नेताओं को भी इसी तरह की मांग करने के लिए प्रोत्साहित कर सकता है जिससे फेरबदल की प्रक्रिया जटिल हो जाएगी। अगर इसे नज़रअंदाज़ किया जाता है, तो इससे आंतरिक असंतोष का खतरा है।
श्री नादगौड़ा ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं और मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने पिछले विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान उन्हें मंत्री पद देने का वादा किया था, जो पूरा नहीं हुआ। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि जातिगत सर्वेक्षण के आधार पर उन्हें लिंगायत रेड्डी और लिंगायत कोटे के तहत नियुक्त किया जाना चाहिए।
विजयपुरा ज़िले के सबसे वरिष्ठ प्रतिनिधि और 45 साल के राजनीतिक अनुभव वाले वरिष्ठ विधायक ने कहा कि उनके निर्वाचन क्षेत्र के लोग उन्हें मंत्री पद दिए जाने की मांग कर रहे थे।
श्री नादगौड़ा ने कहा, "मुझे अभी यह मौका न देने से हमारे कार्यकर्ताओं और नेताओं का पार्टी में विश्वास खत्म हो सकता है।" उन्होंने संकेत दिया कि अगर उनकी मांग को नज़रअंदाज़ किया गया तो पार्टी में असंतोष फैल सकता है।
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