श्रीगंगानगर , अक्टूबर 28 -- राजस्थान में श्रीगंगानगर जिले के सीमावर्ती समेजा कोठी थाना क्षेत्र में स्थित एक निजी विद्यालय में दसवीं कक्षा की 16 वर्षीय छात्रा ने स्कूल फीस जमा न करने पर कथित तौर पर प्रधानाचार्य और संचालक द्वारा प्रताड़ित और अपमानित किये जाने से व्यथित होकर कीटनाशक दवा का सेवन करने का मामला सामने आया है।
छात्रा को श्रीगंगानगर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका उपचार किया जा रहा है। छात्रा के पिता की शिकायत पर कल देर रात पुलिस ने स्कूल प्रधानाचार्य मनोज शर्मा और संचालक दशंबरसिंह के खिलाफ जातिसूचक अपमान और आत्महत्या के लिए मजबूर करने के आरोप में मामला दर्ज किया है। मामले की जांच रायसिंहनगर की पुलिस उपाधीक्षक अन्नू बिश्नोई कर रही हैं।
पुलिस सूत्रों ने मंगलवार को बताया कि पीड़िता के पिता ने बताया कि उनकी पुत्री उधमसिंह पब्लिक स्कूल में दसवीं कक्षा में पढ़ रही है और वर्तमान में परीक्षायें चल रही हैं। परीक्षा की तैयारी के लिए स्कूल में पिछले हफ्ते से अतिरिक्त कक्षाएं लगायी गयीं थी। पच्चीस अक्टूबर को छात्रा अतिरिक्त कक्षा के लिए स्कूल गयी, लेकिन फीस जमा न होने के कारण प्रधानाचार्य और संचालक ने उसे कथित तौर पर जातिसूचक शब्दों से अपमानित किया और कक्षा में बैठने नहीं दिया। इससे व्यथित होकर वह घर लौट आयी। अगले दिन वह फिर गयी, तो उसे फिर लौटा दिया गया।
पुलिस ने बताया कि इससे वह मानसिक अवसाद में आ गयी और उसने खेत में जाकर कीटनाशक दवा का सेवन कर लिया। इस पर उसके पिता उसे निकटवर्ती अस्पताल ले गये, जहां उसका उपचार किया जा रहा है।
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