पुण्यतिथि 09 मार्च के अवसर परमुंबई, 09 मार्च (वार्ता)भारतीय सिनेमा जगत में अपनी दिलकश अदाओं से दर्शकों को दीवाना बनाने वाली कई अभिनेत्रियां हुयी और उनके अभिनय के दर्शक आज भी कायल है लेकिन पहली ड्रीम गर्ल देविका रानी को आज कोई याद भी नहीं करता।
देविका रानी का जन्म 30 मार्च 1908 को आंध्रप्रदेश के वाल्टेयर नगर में हुआ था । उनके पिता कर्नल एम.एन. चौधरी उंचे बंगाली परिवार से ताल्लुक रखते थे जिन्हें बाद में भारत के प्रथम सर्जन जनरल बनने का गौरव प्राप्त हुआ ।नौ वर्ष की उम्र में देविका रानी शिक्षा ग्रहण करने के लिये इंग्लैंड चली गयी।पढ़ाई पूरी करने के बाद देविका रानी ने निश्चय किया कि वह फिल्मों में अभिनय करेगी लेकिन परिवार वाले इस बात के सख्त खिलाफ थे क्योंकि उन दिनों संभ्रान्त परिवार की लड़कियों को फिल्मों में काम नहीं करने दिया जाता था।
इंग्लैंड में कुछ वर्ष रहकर देविका रानी ने रॉयल अकादमी ऑफ ड्रामेटिक आर्ट में अभिनय की विधिवत पढ़ाई की। इसके बाद उन्होंने वास्तुकला में डिप्लोमा भी हासिल किया ।इस बीच उनकी मुलाकात बुस्र बुल्फ नामक फिल्म निर्माता से हुयी जो उनकी वास्तुकला की योग्यता से काफी प्रभावित हुये और उन्होंने देविका रानी को अपनी कंपनी में बतौर डिजाइनर नियुक्त कर लिया। इस बीच उनकी मुलाकात सुप्रसिद्ध निर्माता हिमांशु राय से हुयी ।हिंमाशु राय मैथ्यू अर्नाल्ड की कविता लाइट ऑफ एशिया के आधार पर इसी नाम से एक फिल्म बनाकर अपनी पहचान बना चुके थे ।हिमांशु राय देविका रानी की सुंदरता पर मुग्ध हो गये और उन्होंने देविका रानी को अपनी फिल्म ..कर्म..में काम देने की पेशकश की जिसे देविका ने सहर्ष स्वीकार कर लिया।
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