मुंबई , दिसंबर 03 -- बॉलीवुड अभिनेता सिद्धांत चतुर्वेदी ,भारतीय सिनेमा जगत के दिग्गज फिल्मकार दिवंगत वी. शांताराम की बायोपिक 'वी. शांताराम' में काम कर बेहद रोमांचित हैं।

सिद्धांत चतुर्वेदी अपने करियर की अब तक की सबसे चुनौतीपूर्ण और महत्वाकांक्षी भूमिका निभाने जा रहे हैं। वह महान फिल्मकार वी. शांताराम की भूमिका निभाने जा रहे है।वी. शांताराम की बायोपिक 'वी. शांताराम' का पहला पोस्टर हाल ही में रिलीज़ हुआ है। सिद्धात ने अपने सोशल मीडिया पर इस फिल्म से अपने किरदार के कई लुक्स साझा किए, जिसने दर्शकों की उत्सुकता को और बढ़ा दिया है। विशेष रूप से 'वी. शांताराम' के साथ उनकी उनकी अद्भुत समानता ने प्रशंसकों और सिनेमा प्रेमियों को इस कदर प्रभावित कर दिया है कि वे सिद्धांत की मेहनत और समर्पण की सराहना करते नहीं थक रहे हैं।

सिद्धांत ने दर्शकों से मिल रहे इस प्यार का आभार जताते हुए सोशल मीडिया अकाउंट से एक भावनात्मक नोट लिखकर इस किरदार की गंभीरता और जिम्मेदारी को उजागर किया है। उन्होंने लिखा है, "पोस्टर पर मिल रहे प्यार और समर्थन के लिए धन्यवाद। यह सच में बहुत मायने रखता है। इससे बेहतर समय नहीं हो सकता था उस कहानी को फिर से कहने का, जो बग़ावत, कला और भारतीय सिनेमा की उस महिमा की याद दिलाती है, जिसने देश को आकार दिया। मेरे लिए यह शब्दों से परे है।"सिद्धांत ने इस भूमिका को अपने सपने के सच होने जैसा बताते हुए लिखा है, "एक लड़का जो खामोश फ्रेम्स में सपने देखता था. से लेकर अब वह एक दिग्गज अण्णासाहेब, वी. शांताराम की परछाई में खड़ा है। हर कलाकार को वह एक कहानी मिलती है, जो उसकी सच्चाई, उसका दिल और उसकी भूख को परखती है। यह वही कहानी है।" उन्होंने मराठी की प्रतिष्ठित लाइन के साथ अपने नोट को समाप्त करते हुए लिखा है, "हो आता करूया. पिक्चर स्टार्ट!"वर्ष 1901 में जन्में 'वी. शंताराम' भारतीय सिनेमा के स्तंभों में से एक रहे हैं। उन्होंने "दो आँखें बारह हाथ", "झनक झनक पायल बाजे", "दुनिया ना माने", "नवरंग" जैसी कालजयी फिल्में बनायी।सात दशकों के करियर में उन्होंने प्रभात फिल्म कंपनी और राजकमल कलामंदिर जैसे प्रतिष्ठित स्टूडियो स्थापित किए, और 1985 में दादासाहेब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित हुए।

फिल्म 'वी. शांताराम' को अभिजीत शिरीष देशपांडे ने लिखा और निर्देशित किया है। इसे राजकमल एंटरटेनमेंट, कैमरा टेक फिल्म्स और रोअरिंग रिवर्स प्रोडक्शंस प्रस्तुत कर रहे हैं। फिल्म के निर्माता राहुल किरण शांताराम, सुभाष काले और सरिता अश्विन वर्दे है।

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