श्रीगंगानगर , जनवरी 09 -- राजस्थान में पंजाब क्षेत्र में फिरोजपुर फीडर के पुनर्निर्माण के लिए गंगनहर में 21 जनवरी से लेकर 24 फरवरी 2026 तक बंदी रहेगी।
बंदी के दौरान पुरानी बीकानेर नहर से नहरी पानी उपलब्ध करवाया जाएगा। इस संबंध में शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में किसान संगठनों के प्रतिनिधियों ने बंदी अवधि के दौरान निर्धारित हिस्से के अनुसार नहरी पानी उपलब्ध करवाने पर सहमति जताई।
मुख्य अभियंता एवं अतिरिक्त सचिव (पश्चिम), जल संसाधन जयपुर एवं पदेन सचिव, इंदिरा गांधी नहर बोर्ड अमरजीत मेहरड़ा ने किसान प्रतिनिधियों की शंकाओं पर स्थिति स्पष्ट करते हुए अवगत कराया कि फिरोजपुर फीडर में बंदी के दौरान पुरानी बीकानेर नहर के माध्यम से खखां हैड पर करीब 1500 क्यूसेक पानी मिलता रहेगा।
उन्होंने बताया कि बंदी को अप्रैल में लिया जाना सम्भव नहीं है क्योंकि पंजाब द्वारा मार्च में इंदिरा गांधी नहर परियोजना के पंजाब भाग में शेष रहे कार्यों को करवाया जाना है। पूर्व में भी फिरोजपुर फीडर में बंदी पांच जनवरी से पंजाब द्वारा ली जानी थी, जिस पर गंगनहर क्षेत्र में फसलों के लिये पानी की आवश्यकता को देखते हुए पंजाब से वार्ता की गयी। तब पंजाब द्वारा इसे 15 जनवरी कर दिया गया। इस बंदी तिथि को भी आगे करने के लिये पंजाब से आग्रह किया गया जिस पर पंजाब द्वारा इसे 21 जनवरी से लिया जा रहा है।
श्री मेहरड़ा ने बताया कि फिरोजपुर फीडर में बंदी से पूर्व हुसैनीवाला से पुरानी बीकानेर नहर में पानी का प्रवाह कर दिया जाएगा। बंदी के दौरान निर्धारित हिस्से के अनुसार पानी की आवक सुनिश्चित की जाएगी। बैठक में पूर्व सांसद निहालचंद मेघवाल, विधायक गुरवीर सिंह बराड़ जयदीप बिहानी, पूर्व मंत्री सुरेंद्र पाल सिंह टीटी, जिला कलक्टर डॉ. मंजू, जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता प्रदीप रुस्तगी, अधीक्षण अभियंता धीरज चावला, पूर्व विधायक सोना देवी, गंगनहर के परियोजना अध्यक्ष हरविंदरसिंह गिल सहित अन्य लोग मौजूद थे।
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