नयी दिल्ली , अक्टूबर 30 -- राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण-एनएचएआई ने जन सामान्य की असुविधा के निराकरण करने और सुविधाओं को आसान तथा बेहतर बनाने के लिए फास्टैग उपयोगकर्ताओं के वास्ते अपने वाहन को जानें-केवाईवी प्रक्रिया को सरल बना दिया है।

भारतीय राजमार्ग प्रबंधन कंपनी लिमिटेड-आईएचएमसीएल ने संशोधित दिशानिर्देशों में कहा है कि हाल ही में जारी सरकारी निर्देशों के अनुसार, गैर-अनुपालन वाले वाहनों के लिए फास्टैग सेवाएं तत्काल बंद नहीं होंगी और उपयोगकर्ताओं को केवाईवी प्रक्रिया पूरा करने के लिए पर्याप्त अवसर मिलेंगे।

प्राधिकरण ने कहा है कि सरलीकृत केवाईवी दिशानिर्देशों के तहत, कार, जीप, वैन की साइड तस्वीरों की जगह अब सिर्फ नंबर प्लेट और फास्टैग दिखाने वाली सामने तस्वीर इस तरह से अपलोड करनी होगी कि वाहन का नम्बर प्लेट उसमें दिखे। इसके साथ ही उपयोगकर्ता जब वाहन नंबर, चेसिस नंबर या मोबाइल नंबर दर्ज करेगा तो वाहन का आरसी विवरण स्वत: सामने आ जाएगा। यदि एक ही मोबाइल नंबर पर कई वाहन पंजीकृत हैं तो उपयोगकर्ता को विकल्प मिलेगा ताकि वह उस वाहन का आसानी से चयन कर सके जिसकी वह केवाईवी करना चाहता है।

सरकार का कहना है कि केवाईवी नियमों का सरलीकरण उपयोगकर्ता के अनुभव को बढ़ाने, फास्टैग पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने और राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क पर राष्ट्रीय राजमार्ग उपयोगकर्ताओं को सहज और निर्बाध अनुभव प्रदान करना है। सेवाओं की निरंतरता जारी रखने के लिए केवाईवी नीति लागू होने से पहले जारी फास्टैग तब तक सक्रिय रहेंगे जब तक टैग के ढीले होने या दुरुपयोग की शिकायतें नहीं मिलती। उपयोगकर्ताओं को केवाईवी करने की याद दिलाने के लिए जारीकर्ता बैंक केवाईवी संबंधी एसएमएस भेजेगा।

प्राधिकरण का कहना है कि यदि कोई उपयोगकर्ता को किसी वजह से दस्तावेज़ अपलोड करने में कठिनाई होती है, तो जारीकर्ता बैंक सक्रिय रूप से ग्राहक से संपर्क करेगा और कनेक्शन काटने से पहले केवाईवी प्रक्रिया को पूरा करने में सहायता करेगा। ग्राहक जारीकर्ता बैंक के साथ केवाईवी से संबंधित किसी भी मुद्दे के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग हेल्पलाइन नंबर 1033 पर शिकायत दर्ज कर सकते हैं और अपनी समस्या के निराकरण के लिए सवाल भी कर सकते हैं।

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