पटना , जनवरी 03 -- बिहार के कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने शनिवार को कहा है कि फार्मर रजिस्ट्री, एग्री स्टैक परियोजना का एक अत्यंत महत्वपूर्ण घटक है, जिसका उद्देश्य राज्य में कृषि सेवाओं को अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं किसानोन्मुख बनाना है।

श्री यादव ने आज बयान जारी कर कहा कि फार्मर रजिस्ट्री योजना के जरिये प्रत्येक किसान की 'फार्मर आईडी' तैयार की जा रही है, जिसमें किसान के भूमि संबंधी विवरण को आधार से जोड़ा जा रहा है, जिससे किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी बाधा के मिल सके।

कृषि मंत्री श्री यादव ने बताया कि फार्मर रजिस्ट्री का मुख्य उद्देश्य राज्य में संचालित सभी कृषि एवं इससे संबंधित किसान कल्याण योजनाओं को वास्तविक और पात्र किसानों तक सीधे पहुँचाना है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ प्राप्त करने वाले सभी किसानों के लिए फार्मर आईडी को अनिवार्य कर दिया है। बिहार में पीएम-किसान के 75 लाख से अधिक सक्रिय लाभुक हैं। आगामी किस्त का लाभ प्राप्त करने के लिये इन सभी लाभुकों को अनिवार्य रूप से फार्मर रजिस्ट्री कैंप में भाग लेकर फार्मर रजिस्ट्री वेब पोर्टल/ऐप के माध्यम से बायोमेट्रिक अथवा फेस ऑथेंटिकेशन के माध्यम से सत्यापन कराते हुए भूमि संबंधी दावा दर्ज करना होगा।

श्री यादव ने बताया कि एग्री स्टैक परियोजना के अंतर्गत राज्य के किसानों की फार्मर आईडी तैयार करने के लिए बिहार भूमि के डाटाबेस को समेकित किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक राजस्व ग्राम में समान नाम एवं पिता के नाम वाली जमाबंदियों का ऑनलाइन बकेट तैयार कर राज्य को उपलब्ध कराया गया है, जिसके आधार पर राज्य स्तर पर फार्मर रजिस्ट्री का कार्य किया जा रहा है।फार्मर रजिस्ट्री की प्रक्रिया में कृषि विभाग के कर्मियों द्वारा किसानों का ई-केवाईसी किया जा रहा है, जबकि राजस्व विभाग के कर्मचारी बकेट सत्यापन का कार्य कर रहे हैं। इस समन्वित प्रयास से फार्मर आईडी निर्माण की प्रक्रिया को गति मिली है।

कृषि मंत्री ने बताया कि फार्मर रजिस्ट्री का कार्य प्रारंभ करने से पूर्व राज्य के पांच जिलों सारण, गया, पूर्वी चंपारण, पूर्णिया एवं भागलपुर के दो-दो राजस्व ग्रामों में पायलट के रूप में इसका परीक्षण किया गया था। इसके बाद राज्य के सभी जिलों के कुल 38,516 गांवों का बकेटिंग कार्य पूर्ण कर अप्रैल माह से फार्मर रजिस्ट्री की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। उन्होंने कहा कि अब तक कृषि विभाग के कर्मियों ने 30 लाख से अधिक किसानों का ई-केवाईसी पूरा कर लिया है। इस बकेट सत्यापन के उपरांत पांच लाख 85 हजार से अधिक फार्मर आईडी तैयार की जा चुकी हैं, जिनमें 3 लाख 70 हजार से अधिक पीएम-किसान लाभार्थी शामिल हैं।

कृषि मंत्री ने किसानों से अपील की है कि फार्मर रजिस्ट्री को सफल बनाने के लिये छह जनवरी से 09 जनवरी 2026 तक चलाए जा रहे विशेष अभियान में सक्रिय रूप से भाग लें और समय पर अपनी फार्मर आईडी बनवाकर सरकारी योजनाओं का निर्बाध लाभ सुनिश्चित करें।

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