पटना , जनवरी 10 -- बिहार के कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने शनिवार को कहा कि फार्मर रजिस्ट्री, एग्री स्टैक परियोजना का एक अत्यंत महत्वपूर्ण घटक है, जिसका उद्देश्य राज्य में कृषि सेवाओं को अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं किसानोन्मुख बनाना है।
कृषि मंत्री श्री यादव ने आज पटना जिला अंतर्गत दानापुर अंचल के हथियाकंद पंचायत में एग्री स्टेक परियोजना के तहत संचालित किसानों की फार्मर रजिस्ट्री एवं ई-केवाईसी प्रक्रिया का स्थल निरीक्षण किया। उन्होंने निरीक्षण के दौरान पंजीकरण कार्य की प्रगति, तकनीकी व्यवस्था तथा किसानों को मिल रही सुविधाओं की जानकारी प्राप्त की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
श्री यादव ने इस अवसर पर कहा कि फार्मर रजिस्ट्री, एग्री स्टैक परियोजना का एक अत्यंत महत्वपूर्ण घटक है, जिसका उद्देश्य राज्य में कृषि सेवाओं को अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं किसानोन्मुख बनाना है। इसके अंतर्गत प्रत्येक किसान की फार्मर आईडी तैयार की जा रही है, जिसमें किसान के भूमि संबंधी विवरण को आधार से जोड़ा जा रहा है, जिससे किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी बाधा के मिल सके।
कृषि मंत्री ने बताया कि फार्मर रजिस्ट्री का कार्य प्रारंभ करने से पूर्व राज्य के पांच जिलों सारण, गया, पूर्वी चंपारण, पूर्णिया एवं भागलपुर के दो-दो राजस्व ग्रामों में पायलट के रूप में किया गया था। इसके बाद राज्य के सभी जिलों के कुल 44500 राजस्व गाँवों का बकेटिंग कार्य पूर्ण कर अप्रैल माह से फार्मर रजिस्ट्री की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। शेष गाँवों की बकेटिंग के लिए भारत सरकार से अनुरोध किया गया है, जो अब प्राप्त हो गया है।उन्होंने बताया कि अब तक कृषि विभाग के कर्मियों द्वारा 44 लाख से अधिक किसानों का ई-केवाईसी किया जा चुका है तथा बकेट सत्यापन के उपरांत 12 लाख 34 हजार से अधिक फार्मर आईडी तैयार की जा चुकी हैं, जिनमें सात लाख 58 हजार से अधिक पीएम-किसान लाभार्थी शामिल हैं।
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