पटना , जनवरी 23 -- बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने शुक्रवार को कहा कि 10 से 27 फरवरी तक राज्यव्यापी फाइलेरिया उन्मूलन अभियान के तहत प्रदेश के 90 प्रतिशत से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष पर्यवेक्षित सेवन (डीओटी) के तहत स्वास्थ्य कर्मियों की मौजूदगी में दवा खिलाई जायेगी।

स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने इस 18 दिवसीय अभियान की औपचारिक घोषणा शुक्रवार को राजधानी पटना स्थित ऊर्जा सभागार में आयोजित कार्यक्रम में की।

श्री पांडेय ने इस अवसर पर कहा कि फाइलेरिया उन्मूलन राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और बिहार को वर्ष 2027 तक फाइलेरिया मुक्त बनाने का संकल्प सरकार ने लिया है। उन्होंने कहा कि इस दौरान 11 फरवरी को पूरे राज्य में एक दिवसीय मेगा एमडीए अभियान भी आयोजित किया जायेगा, जिसमे एक दिन में डेढ़ करोड़ लोगों को दवा खिलाने का लक्ष्य तय किया गया है।

उन्होंने राज्य के नागरिकों से अपील की कि वे स्वयं दवा का सेवन करें और अपने परिवार और समुदाय के लोगों को भी इसके लिये प्रेरित करें। साथ ही जनप्रतिनिधियों से अभियान की सफलता में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।

मंत्री श्री पांडेय ने कहा कि यह अभियान सरकार और समाज का साझा प्रयास है, जिसमें स्वास्थ्य विभाग के साथ- साथ पंचायती राज, आईसीडीएस, जीविका सहित अन्य विभागों की भागीदारी जरूरी है। मेगा अभियान के लिये करीब 4 लाख प्रशिक्षित फ्रंटलाइन वर्कर्स, 397 प्रखंडों में 40 हजार से अधिक बूथ सक्रिय किये जायेंगे। स्वास्थ्य केंद्रों के साथ- साथ आशा कार्यकर्ता घर- घर जाकर, आंगनबाड़ी केंद्रों पर मेगा कैंप लगाकर दवा सेवन करायेंगी। जीविका दीदियों और स्वयं सहायता समूहों की भी इसमें अहम भूमिका होगी। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रतिकूल औषधि प्रतिक्रिया की स्थिति में त्वरित प्रबंधन के लिये रैपिड रिस्पांस टीमें मोबाइल और स्थायी दोनों रूप में तैनात रहेंगी। स्वास्थ्य मंत्री ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि फाइलेरिया उन्मूलन में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जिलों, प्रखंडों और कार्यकर्ताओं को राज्य स्तर पर सम्मानित करने की व्यवस्था की जाये।

कार्यक्रम में विभागीय सचिव लोकेश कुमार सिंह ने कहा कि एमडीए अभियान की सबसे बड़ी चुनौती यह सुनिश्चित करना है कि दवा लोगों को उनकी मौजूदगी में खिलाई जाये। इसके लिये जीविका, आंगनबाड़ी, आशा कार्यकर्ता, शिक्षा विभाग सहित सभी विभागों के आपसी समन्वय से ही सफलता संभव है।

राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक अमित कुमार पांडेय ने कहा कि 11 फरवरी का मेगा अभियान ऐसा होना चाहिये कि इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिले। उन्होंने बताया कि अभियान में दो लाख, 10 हजार सेविका- सहायिकायें, एक लाख, 15 हजार आंगनबाड़ी केंद्रों और अन्य संस्थाओं का सहयोग लिया जायेगा।

इस अवसर पर विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की ओर से डॉ राजेश पांडेय, राज्य सलाहकार अनुज रावत सहित कार्यक्रम प्रबंधक अंशु राय, अभिषेक सिंह, प्रीति कुमारी, आनंद कश्यप और राज्य स्वास्थ्य समिति के कई वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद थे।

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