फर्रुखाबाद , जनवरी 3 -- उत्तर प्रदेश में फर्रुखाबाद जिले के गंगा पांचाल घाट तट पर आस्था, परंपरा और संस्कृति का प्रतीक मेला श्रीरामनगरिया एवं विकास प्रदर्शनी-2026 आज शनिवार से भव्य रूप में प्रारंभ हो गया है।

तीन फरवरी तक चलने वाला यह ऐतिहासिक मेला पांचाल घाट, गंगा तट, फर्रुखाबाद में आयोजित किया गया है। पूरे मेला क्षेत्र में धार्मिक वातावरण, मंत्रोच्चार और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिल रही है। इस वर्ष मेला परिसर को विशेष रूप से आकर्षक ढंग से सजाया गया है। रंग-बिरंगी लाइटों से जगमगाता गंगा तट, आकर्षक प्रवेश द्वार, भव्य मंच और सुसज्जित कल्पवास क्षेत्र मेले की भव्यता को और बढ़ा रहे हैं। रात्रि में गंगा तट का दृश्य श्रद्धालुओं के लिए आस्था और सौंदर्य का अद्भुत अनुभव प्रदान कर रहा है। मेले में धार्मिक अनुष्ठानों के साथ-साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम, लोक नृत्य, लोकगीत, रामकथा, भजन-कीर्तन और विकास प्रदर्शनी लोगों के आकर्षण का केंद्र होंगे।

मेला श्रीरामनगरिया में कल्पवास का विशेष धार्मिक महत्व है। दूर-दराज से आए साधु-संत और श्रद्धालु पूरे एक माह तक गंगा तट पर कल्पवास करते हैं। मान्यता है कि कल्पवास से आत्मशुद्धि होती है और पुण्य की प्राप्ति होती है। कल्पवासी गंगा स्नान, जप-तप, यज्ञ, दान और संयमित जीवन का पालन करते हैं। इस दौरान पूरा क्षेत्र धार्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण रहता है।

रामनगरिया मेले का इतिहास सैकड़ों वर्षों पुराना है। मान्यता है कि यह मेला भगवान श्रीराम से जुड़ी धार्मिक परंपराओं और गंगा स्नान की प्राचीन संस्कृति से संबंधित है। पांचाल क्षेत्र में गंगा तट पर लगने वाला यह मेला समय के साथ जनपद का सबसे बड़ा धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन बन गया। पहले यह मेला केवल धार्मिक अनुष्ठानों तक सीमित था, लेकिन अब इसमें विकास प्रदर्शनी और सांस्कृतिक कार्यक्रम जुड़ने से इसका स्वरूप और व्यापक हो गया है।

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