कुरुक्षेत्र , जनवरी 07 -- हरियाणा में कुरुक्षेत्र जिले के शाहाबाद क्षेत्र के खरींडवा गांव के सरपंच को पुलिस ने 10वीं कक्षा की फर्जी मार्कशीट के आधारपर पंचायत चुनाव लड़ने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है।
आरोपी सरपंच ने खुद को बचाने के लिए सत्र न्यायालय से लेकर उच्चतम न्यायालय तक कानूनी लड़ाई लड़ी, लेकिन सभी अदालतों से उसे राहत नहीं मिल सकी। उच्चतम न्यायालय द्वारा याचिका खारिज किए जाने के बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया।
गांव खरींडवा निवासी पवन कुमार ने वर्ष 2022 में सरपंच पद का चुनाव लड़ा था।
नामांकन पत्र दाखिल करते समय उसने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की 10वीं कक्षा की मार्कशीट संलग्न की थी। चुनाव में पवन कुमार ने लगभग 300 वोटों से जीत दर्ज की थी, जिसके बाद उसे गांव का सरपंच नियुक्त किया गया।
चुनाव में पराजित उम्मीदवार संजीव कुमार ने नवंबर 2022 में उपायुक्त कुरुक्षेत्र को शिकायत दी थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि पवन कुमार ने फर्जी शैक्षणिक दस्तावेजों के आधार पर चुनाव लड़ा, झूठा शपथपत्र दाखिल किया और तथ्यों को छिपाकर सरपंच पद हासिल किया।
शिकायत पर तत्कालीन उपायुक्त द्वारा करायी गयी जांच में पवन कुमार अपनी 10वीं कक्षा की मार्कशीट को असली साबित नहीं कर सका। इसके बाद 27 दिसंबर 2024 को उपायुक्त ने पवन कुमार को सरपंच पद से तत्काल हटाने के आदेश जारी कर दिये।
इसके बाद 30 दिसंबर 2024 को संजीव कुमार ने पुलिस को अलग से शिकायत दी।
शिकायत के आधार पर जनवरी 2025 में थाना शाहाबाद में आरोपी के खिलाफ आईपीसी की धारा 420, 120-बी, 463, 465, 466, 467 और 471 के तहत मामला दर्ज किया गया। थाना शाहाबाद के एसएचओ जगदीश टामक के अनुसार, आरोपी लंबे समय से फरार चल रहा था। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया, जहां से उसे दो दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। रिमांड के दौरान फर्जी मार्कशीट तैयार करने वाले गिरोह और अन्य सहयोगियों की पहचान की जाएगी।
शिकायतकर्ता संजीव कुमार ने बताया कि आरोपी ने उपायुक्त के आदेश के खिलाफ पहले सत्र न्यायालय और फिर उच्च न्यायालय में अपील दायर की थी, लेकिन उसे कोई राहत नहीं मिली। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका भी खारिज कर दी गई। मामले में सीबीएसई सचिव की गवाही भी दर्ज की जा चुकी है।
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