नोएडा , जनवरी 21 -- उत्तर प्रदेश के सेंट्रल नोएडा फेस दो थाना पुलिस और सीआरटी और स्वाट टू टीम द्वारा की गई संयुक्त कार्रवाई में फाइनेंस के नाम पर फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल कर धोखाधड़ी करने वाले एक संगठित गिरोह का खुलासा किया गया है। पुलिस ने इस मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से पांच लग्जरी वाहन और 28 अहम दस्तावेज बरामद किए हैं, जिनमें आधार कार्ड, वोटर कार्ड, पैन कार्ड और आरसी शामिल हैं।

पुलिस ने बुधवार को गिरफ्तार किए गए गिरोह के बारे में जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि मंगलवार को फूल मंडी के पास से गिरफ्तार किए गए गिरोह के तीनों लोगों की पहचान अमित गुप्ता, अनुराग सिंह,और नवीन भावरी के रूप में हुई है। ये आरोपी फर्जी आधार, पैन और वोटर कार्ड के जरिए दस्तावेज तैयार कर वाहनों को फाइनेंस पर खरीदते थे और बाद में बैंक लोन की किश्तें जमा किए बिना ही उन गाड़ियों को अलग-अलग राज्यों में कम कीमत पर बेच देते थे।

जांच में सामने आया है कि आरोपी ग्राहकों को यह भरोसा दिलाते थे कि दो-तीन माह के भीतर वाहन की एनओसी उपलब्ध करा दी जाएगी। जब बैंक एजेंट लोन की वसूली के लिए दिए गए पते पर पहुंचते थे, तो लोन के समय दर्ज पते फर्जी पाए जाते थे। इतना ही नहीं, आरोपी एक ही वाहन पर आरसी से पूर्व में दर्ज 'हाइपोथिकेशन' हटवाकर उसी गाड़ी पर दोबारा बैंक से लोन भी करा लेते थे।

आरोपी फाइनेंस की गई गाड़ियों को पंजाब, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर और राजस्थान जैसे राज्यों में ले जाकर बेचते थे। गिरफ्तार किए गए गिरोह के तीनों सदस्य अलग जगहों पर रहते हैं जिसमें अमित गुप्ता दिल्ली के मॉडल टाउन का निवासी है, जबकि अनुराग अलीगढ़ और नवीन भावरी पंजाब के पठानकोट का रहने वाला है। तीनों की शिक्षा 12 वीं तक बताई गई है।

पुलिस ने बताया कि अमित के खिलाफ दिल्ली और गौतमबुद्धनगर में पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। वहीं, अन्य दोनों सदस्यों के खिलाफ भी फेस दो थाना में संबंधित धाराओं में मुकदमे पंजीकृत हैं।

पुलिस ने कहा कि गिरोह के अन्य सदस्यों और इस नेटवर्क से जुड़े बैंकिंग एवं संबंधित दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है। मामले में आगे की विधिक कार्रवाई जारी है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित