लखनऊ , जनवरी 09 -- उत्तर प्रदेश पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने फर्जी (बोगस) फर्मों का पंजीकरण कर कूटरचित इनवॉइस और ई-वे बिल के माध्यम से इनपुट टैक्स क्रेडिट का दुरुपयोग करते हुए लगभग 100 करोड़ रुपये से अधिक की जीएसटी चोरी करने वाले अंतरराज्यीय संगठित गिरोह के चार सदस्यों को शुक्रवार को गिरफ्तार किया है।

यह गिरफ्तारी नोएडा स्थित एसटीएफ फील्ड इकाई कार्यालय में पूछताछ के दौरान की गई है। गिरफ्तार अभियुक्तों में हरदीप सिंह उर्फ प्रिंस (नई दिल्ली), जितेंद्र झा (दिल्ली/बिहार), पुनीत अग्रवाल (नई दिल्ली) तथा शिवम सिंह (नई दिल्ली) शामिल हैं।

एसटीएफ के मुताबिक प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि अभियुक्तों द्वारा फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बोगस फर्मों का पंजीकरण कराया जाता था। इन फर्मों के माध्यम से बिना किसी वास्तविक माल की खरीद-फरोख्त किए फर्जी इनवॉइस और ई-वे बिल तैयार किए जाते थे, जिनका उपयोग कर वास्तविक फर्मों को इनपुट टैक्स क्रेडिट दिलाया जाता था। इस प्रक्रिया से सरकार को बड़े पैमाने पर राजस्व क्षति पहुंचाई जा रही थी।

जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा सहित कई राज्यों में फर्जी फर्में संचालित कर रहा था। अभियुक्तों द्वारा मोबाइल फोन, ई-मेल आईडी और अन्य डिजिटल माध्यमों से फर्मों का संचालन किया जाता था। बोगस फर्मों के बैंक खातों में फर्जी लेन-देन दिखाकर स्क्रैप ट्रेडिंग और अन्य व्यापारिक गतिविधियों का आभास कराया जाता था।

एसटीएफ ने अभियुक्तों के कब्जे से लैपटॉप, मोबाइल फोन, आधार कार्ड और अन्य डिजिटल साक्ष्य बरामद किए हैं, जिनके आधार पर आगे की जांच की जा रही है। मामले में संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर विस्तृत विवेचना जारी है।

एसटीएफ अधिकारियों के अनुसार यह गिरोह लंबे समय से सक्रिय था और अब तक लगभग 100 करोड़ रुपये से अधिक की जीएसटी चोरी किए जाने के प्रमाण मिले हैं। गिरफ्तार अभियुक्तों को संबंधित धाराओं में पंजीकृत मुकदमे में न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।

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