भोपाल , नवम्बर 12 -- मध्यप्रदेश विशेष कार्यबल (एसटीएफ) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए फर्जी डी.एड. अंकसूचियों के आधार पर शासकीय शिक्षक की नौकरी पाने वाले आठ शिक्षकों के विरुद्ध अपराध पंजीबद्ध किया है। प्रारंभिक जांच में यह खुलासा हुआ है कि संगठित गिरोह द्वारा कूटरचित अंकसूचियां तैयार कर सरकारी नौकरी हड़पने का षड्यंत्र रचा गया था।पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा के निर्देश पर संगठित अपराधों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई के तहत एसटीएफ को जानकारी मिली कि शिक्षा विभाग में कुछ व्यक्तियों ने फर्जी डी.एड. प्रमाणपत्रों का उपयोग कर शासकीय शिक्षक की नियुक्ति प्राप्त की है।
विशेष पुलिस महानिदेशक (एसटीएफ) पंकज कुमार श्रीवास्तव के मार्गदर्शन में पुलिस अधीक्षक राजेश सिंह भदौरिया, एआईजी नवीन कुमार चौधरी और डीएसपी प्रवीण सिंह बघेल के नेतृत्व में गठित टीम ने गोपनीय सत्यापन किया। जांच में पुष्टि हुई कि जिन डी.एड. अंकसूचियों के आधार पर शिक्षकों ने नौकरी प्राप्त की, वे या तो जारी ही नहीं की गई थीं या अन्य व्यक्तियों को जारी हुई थीं।
इस आधार पर आठ शिक्षकों गंधर्व सिंह रावत, साहब सिंह कुशवाह, बृजेश रोरिया, महेन्द्र सिंह रावत, लोकेन्द्र सिंह, रूबी कुशवाह, रविन्द्र सिंह राणा और अर्जुन सिंह चौहान के विरुद्ध थाना एसटीएफ भोपाल में अपराध दर्ज किया गया है। ये सभी वर्तमान में मुरैना, शिवपुरी, ग्वालियर और इंदौर सहित विभिन्न जिलों में पदस्थ हैं। इसके अतिरिक्त 26 अन्य संदिग्धों के विरुद्ध जांच जारी है।
एसटीएफ की प्रारंभिक विवेचना में यह भी सामने आया है कि नियुक्ति प्रक्रिया के दौरान दस्तावेज़ सत्यापन रिपोर्ट भी कूटरचित थी। इस प्रकरण में सक्रिय संगठित गैंग के नेटवर्क और सहयोगियों की पहचान की जा रही है।
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