हरिद्वार, मार्च 14 -- उत्तराखंड के हरिद्वार जनपद में फर्जी प्रमाण पत्रों के जरिए सरकारी अभिलेख तैयार कराने के मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। शुक्रवार को जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देश पर विकास खंड बहादराबाद में धोखाधड़ी से जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के मामले में संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध पुलिस में प्राथमिकी दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं।

जिला पंचायत राज अधिकारी अतुल प्रताप सिंह ने बताया कि बहादराबाद क्षेत्र में गलत तरीके से जन्म प्रमाण पत्र बनवाने का मामला प्रकाश में आया है। इस संबंध में ग्राम पंचायत विकास अधिकारी को पत्र जारी करते हुए सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) बहादराबाद को संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, शाहीन पत्नी उस्मान और उस्मान पुत्र मोहम्मद इकबाल, निवासी पावधोई राम रहीम कॉलोनी ज्वालापुर, ने अपनी पुत्री कु. अक्षा का जन्म 1 मार्च 2008 को जया मैक्सवेल हॉस्पिटल अतमालपुर बौंगला में होने का दावा करते हुए आवेदन दिया। उन्होंने बताया कि पूर्व में जारी जन्म प्रमाण पत्र खो गया है और आधार कार्ड अपडेट कराने के लिए बारकोड वाला ऑनलाइन जन्म प्रमाण पत्र जारी किया जाए। इसके साथ उन्होंने 5 फरवरी 2009 का हस्तनिर्मित जन्म प्रमाण पत्र की छायाप्रति और आधार व मतदाता पहचान पत्र की प्रतियां भी संलग्न कीं।

आवेदन के आधार पर ग्राम पंचायत स्तर से 18 फरवरी 2026 को सीआरएस पोर्टल पर ऑनलाइन प्रक्रिया के तहत जन्म प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया। बाद में एक व्यक्ति की सूचना पर मामले की जांच की गई। जांच के दौरान जब जया मैक्सवेल हॉस्पिटल, अतमालपुर बौंगला में रिकॉर्ड की पड़ताल की गई तो चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि वर्ष 2008 में यह अस्पताल अस्तित्व में ही नहीं था। इससे स्पष्ट हुआ कि प्रस्तुत किया गया जन्म प्रमाण पत्र जाली था और उसी के आधार पर ऑनलाइन प्रमाण पत्र जारी कराया गया।

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