नोएडा , दिसंबर 09 -- उत्तर प्रदेश के नोएडा शहर की थाना फेस वन पुलिस और साइबर अपराध थाना पुलिस द्वारा मल्टी नेशनल कंपनियों में जॉब प्लेसमेंट दिलवाने के नाम पर बेरोजगार युवाओं से ठगी करने वाले कॉल सेंटर का पर्दाफाश करते हुए मास्टरमाइंड साइबर अपराधी को गिरफ्तार किया गया, और फर्जी कॉल सेन्टर के माध्यम से ऑनलाइन गेमिंग,बैटिंग एप पर लाभ कमाने का झांसा देकर धोखाधड़ी करने वाले गैंग के 2 सदस्य गिरफ्तार किए गए।

थाना फेस वन पुलिस और साइबर अपराध पुलिस द्वारा की गई संयुक्त कार्रवाई की जानकारी पुलिस ने मंगलवार को दी,पुलिस ने बताया कि नोएडा साइबर अपराध पुलिस और नोएडा प्रथम जोन फेस वन थाना पुलिस द्वारा कॉल सेन्टर के माध्यम से देश के विभिन्न राज्यों के बेरोजगार युवाओं को काल करके उन्हें मल्टीनेशनल कम्पनी में नौकरी दिलाने का लालच देकर देश की विभिन्न नामी एवं बोगस कंपनियों के नाम पर फर्जी ईमेल आईडी तैयार किया करते थे, और इन्हीं फर्जी ईमेल आईडी का इस्तेमाल ये उन बेरोजगार लोगों को ऑफर लेटर भेजकर प्लेसमेंट तथा रजिस्ट्रेशन के नाम पर विभिन्न फर्जी बैंक खातों में 4 हजार से 25 हजार रुपए की धनराशि ट्रांसफर करा ठगी को अंजाम देते थे।

गिरफ्तार किए गए फर्जी कॉल सेंटर संचालक मुख्य सरगना द्वारा अब तक करीब दस से अधिक फर्जी बैंक खातों में हजारों बेरोजगार युवकों से लेनदेन किया गया है जिसकी प्रथम जानकारी सामने आई है, और पुलिस द्वारा उन बैंक खातों में जमा धनराशि को फ्रीज कराया गया है।

जानकारी में सामने आया है कि बेरोजगार युवकों का डेटा ये ऑनलाइन निम्न वेबसाइटों से प्राप्त करते थे, जिसके पश्चात उन बेरोजगारों को नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी को अंजाम देते थे।

नोएडा फेस वन थाना क्षेत्र के सेक्टर 2 में फर्जी कॉल सेंटर की जानकारी साइबर पुलिस द्वारा प्राप्त हुई थी जिसके बाद दोनों थानों की पुलिस ने एक साथ मिलकर मास्टरमाइंड को मौके से गिरफ्तार किया जहां से पुलिस को एक लैपटॉप, तीन चैक बुक, तीन पासबुक, 19 डेबिट कार्ड, 29 सिम कार्ड, 30 मोबाइल फोन और 172 वर्क कॉलिंग डाटा जिसमें नाम मोबाइल नंबर सहित बेरोजगारों युवकों के ईमेल आईडी लिखी हुई बरामद किया गया।

इसी क्रम में साइबर अपराध पुलिस और फेस वन थाना पुलिस ने एक और फर्जी कॉल सेंटर पकड़ा जिसमें गिरोह द्वारा तैयार देश में प्रतिबंधित फर्जी गेमिंग व बेटिंग ऐप के माध्यम से लोगों को लालच देकर ठगी को अंजाम देते थे, पुलिस ने बताया भारत में गेमिंग व बैटिंग एप को प्रतिबंधित किया गया है, उसके बावजूद गिरफ्तार किया गया यह गिरोह विभिन्न वेबसाइट पर विज्ञापन भेजकर उस पर सर्च कराकर भोले-भाले लोगो का डाटा प्राप्त कर उन्हे कॉलिंग करते हुए गेमिंग,बैटिंग के नाम से लाभ कमाने का झांसा देकर गिरोह द्वारा तैयार गेमिंग बैटिंग एप का लिंक भेजकर विभिन्न गेमिंग प्लेटफार्म पर आईडी व पासवर्ड बनाने के नाम पर पैसा अर्जित करते थे।

शुरु में लोगों द्वारा फर्जी गेमिंग ऐप व बैटिंग ऐप में डिपॉजिट तथा इन्वेस्ट किए गए छोटी छोटी रकम को जीताकर अपना विश्वास जमाते थे, और ठगी की गई रकम को अपने विभिन्न मनी म्यूअल खातों में ट्रांसफर करा लेते थे।

गिरफ्तार गिरोह के पास कॉल सेन्टर या गेमिंग,बैटिंग एप के संचालन के संबंध में कोई कागजात और किसी प्रकार का रजिस्ट्रेशन नही मिला,इनके द्वारा फर्जी आईडी पर सिम कार्ड प्राप्त कर कॉलिंग किए जा रहे थे।

पकड़े गए गिरोह के सदस्य एमबीए फाइनेंस से शिक्षा प्राप्त किए हुए है तथा एक अन्य बीबीए शिक्षित है, मौके से गिरफ्तार इन गिरोह के पास से 7 लैपटॉप एवं 8 मोबाइल फोन बरामद हुए है।

पुलिस द्वारा इन सभी गिरोह के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित कर जेल भेजने की प्रक्रिया अमल में लाई जा रही है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित