बैतूल , अप्रैल 05 -- मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में ऑनलाइन शेयर बाजार में निवेश के नाम पर बड़ी साइबर ठगी का मामला सामने आया है, जहां अज्ञात जालसाजों ने एक व्यक्ति से 46 लाख रुपये से अधिक की रकम ठग ली। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की तलाश की जा रही है।

पुलिस अधीक्षक कार्यालय से जारी प्रेस नोट के अनुसार, शिकायतकर्ता ने थाना गंज बैतूल में रिपोर्ट दर्ज कराई कि मार्च 2026 के दौरान कुछ अज्ञात व्यक्तियों ने फेसबुक के माध्यम से उससे संपर्क किया। आरोपियों ने खुद को "न्यू बेरी कैपिटल प्राइवेट लिमिटेड ग्रुप" और "इंडिया इन्फोलाइन लिमिटेड-सीएस" से जुड़ा हुआ बताया और उसे शेयर बाजार में निवेश करने के लिए प्रेरित किया।

इसके बाद शिकायतकर्ता को एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया, जहां उसे अधिक मुनाफा कमाने का लालच दिया गया। आरोपियों ने उसे "न्यू बेरी-882 एक्सीलेंस सर्किल" और "आईएफएल प्रोफेशनल" नामक मोबाइल एप्लिकेशन डाउनलोड करने के लिए कहा। इन एप्स के माध्यम से निवेश करने पर भारी रिटर्न का दावा किया गया।

शिकायतकर्ता ने आरोपियों के झांसे में आकर 4 फरवरी 2026 से 9 मार्च 2026 के बीच अलग-अलग किश्तों में कुल 46,07,649 रुपये की राशि निवेश कर दी। शुरुआत में जालसाजों ने फर्जी ट्रेडिंग अकाउंट में 37,39,149 रुपये का लाभ दिखाया, जिससे शिकायतकर्ता का भरोसा बढ़ गया।

हालांकि, जब शिकायतकर्ता ने अपने पैसे निकालने का प्रयास किया, तो उसका अकाउंट ब्लॉक कर दिया गया। इसके बाद आरोपियों ने राशि निकालने के नाम पर 1,40,000 रुपये की अतिरिक्त मांग की। इस पर उसे ठगी का एहसास हुआ और उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) और 319(2) के तहत अज्ञात आरोपियों के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध किया है। मामले की जांच जारी है और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

पुलिस अधीक्षक बैतूल ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान व्हाट्सएप ग्रुप या सोशल मीडिया विज्ञापन के झांसे में आकर निवेश न करें। उन्होंने कहा कि निवेश केवल सेबी द्वारा अधिकृत प्लेटफॉर्म और पंजीकृत ब्रोकर के माध्यम से ही करें। साथ ही, किसी भी कंपनी या मोबाइल एप्लिकेशन में निवेश से पहले उसकी वैधता की जांच अवश्य करें।

उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी प्रकार की साइबर ठगी या संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधि की स्थिति में तुरंत नजदीकी पुलिस थाना या साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।

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