चंडीगढ़ , मार्च 03 -- हरियाणा सरकारपर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने और औद्योगिक अपशिष्ट जल प्रबंधन को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से फरीदाबाद में तीन सामूहिक अपशिष्ट जल शोधन संयंत्र स्थापित करेगी।

इन परियोजनाओं की कुल अनुमानित लागत 926 करोड़ 96 लाख रुपये है। इसका उद्देश्य औद्योगिक क्षेत्रों से निकलने वाले दूषित जल का वैज्ञानिक तरीके से शोधन कर पर्यावरणीय मानकों में सुधार करना है।

इन संयंत्रों में बादशाहपुर गांव में 15 लाख लीटर प्रतिदिन क्षमता, प्रतापगढ़ गांव में 50 लाख लीटर प्रतिदिन क्षमता और मिर्जापुर गांव में 25 लाख लीटर प्रतिदिन क्षमता का संयंत्र स्थापित किया जाएगा।

विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम द्वारा तैयार किया गया है।

मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में वित्तीय प्रावधानों को अंतिम रूप दिया गया। निर्णय लिया गया कि पूंजीगत व्यय का 50 प्रतिशत नगर एवं ग्राम योजना विभाग वहन करेगा, जबकि 25-25 प्रतिशत व्यय हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम और हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण वहन करेंगे।

परिचालन व्यय प्रारंभ में औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम वहन करेगा। बाद में इस राशि की प्रतिपूर्ति समान अनुपात में फरीदाबाद नगर निगम, फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण, औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम तथा शहरी विकास प्राधिकरण द्वारा की जाएगी।

मिर्जापुर स्थित संयंत्र सेक्टर 4, 5, 6, 71 और 74 के उद्योगों का दूषित जल शोधन करेगा। प्रतापगढ़ संयंत्र सेक्टर 24, 25, 52ए, 56 से 59, 147, 148, 150 से 153 और 155 के उद्योगों को सेवा देगा। बादशाहपुर संयंत्र सेक्टर 27ए से डी, 31, 32, 35, 36, 38 और 45 के औद्योगिक क्षेत्रों को लाभ पहुंचाएगा। सरकार का मानना है कि इन परियोजनाओं से औद्योगिक विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन स्थापित होगा।

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