फतेहपुर , अप्रैल 29 -- उत्तर प्रदेश के खागा कोतवाली क्षेत्र में मंगेतर के सामने युवती से सामूहिक दुष्कर्म के चर्चित मामले में फरार आरोपी भाजपा नेता पर घोषित इनाम की राशि 25 हजार रुपये से बढ़ाकर 50 हजार रुपये कर दी गई है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस अधीक्षक ने सात टीमों का गठन किया है। इस घटना को लेकर जिले में सियासी पारा भी चरम पर पहुंच गया है। पुलिस सूत्रों ने बुधवार को बताया कि मुख्य आरोपी गोलू ठाकुर की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। यदि शीघ्र गिरफ्तारी नहीं हुई तो न्यायालय से आदेश लेकर कुर्की की कार्रवाई भी की जा सकती है। पुलिस अधीक्षक ने मामले में लापरवाही बरतने पर खागा इंस्पेक्टर और चौकी इंचार्ज को लाइन हाजिर कर दिया है।
जानकारी के अनुसार, खागा कोतवाली क्षेत्र में एक युवक अपनी मंगेतर से मिलने उसकी ससुराल पहुंचा था और उसे लेकर एक बाग में गया, जहां पहले से मौजूद तीन युवकों ने युवती के साथ उसके मंगेतर के सामने ही सामूहिक दुष्कर्म किया। घटना के बाद पीड़िता किसी तरह घर पहुंची और परिजनों को जानकारी दी।
आरोप है कि परिजन जब पीड़िता को लेकर थाने पहुंचे तो पुलिस ने प्रारंभ में गंभीरता नहीं दिखाई। बाद में युवती की हालत बिगड़ने पर उसे अस्पताल ले जाया गया। घटना मीडिया में आने के बाद पुलिस ने भाजपा के मंडल उपाध्यक्ष बताए जा रहे गोलू ठाकुर समेत तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया, जिनमें दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया, जबकि गोलू ठाकुर फरार है।
मुख्य आरोपी की कुछ भाजपा नेताओं के साथ तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस और भाजपा दोनों की किरकिरी बढ़ गई। भाजपा नेताओं ने अपने बचाव में बयान जारी कर कहा है कि गोलू ठाकुर पार्टी का पदाधिकारी नहीं है, जबकि इससे पहले वह स्वयं को मंडल उपाध्यक्ष बताता रहा है।
इस मामले को लेकर नेता प्रतिपक्ष और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि आरोपी की गिरफ्तारी में देरी राजनीतिक संरक्षण और जातीय पक्षपात के कारण हो रही है। वहीं पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने 30 अप्रैल को पीड़िता के घर जाकर मुलाकात करने और आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।
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