मुंबई , फरवरी 11 -- महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बुधवार को कहा कि बारामती में जिस विमान दुर्घटना में वरिष्ठ नेता श्री अजित पवार का निधन हुआ था, उसे लेकर उठे तमाम संदेहों की सही ढंग से जांच होनी चाहिए।
वे राकांपा (शरद पवार) के नेता रोहित पवार के एक दिन पहले लगाये गये संभावित साजिश के आरोपों पर प्रतिक्रिया दे रहे थे, जो दिवंगत उपमुख्यमंत्री के भतीजे हैं।
श्री फडणवीस ने यहां मीडियाकर्मियों को संबोधित करते हुए कहा कि मौजूदा कानूनों के तहत जांच प्रक्रिया पहले ही शुरू कर दी गयी है और विमान का ब्लैक बॉक्स बरामद कर लिया गया है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) की सुरक्षा जांच इस जांच के सबसे महत्वपूर्ण पहलुओं में से एक है और उसकी जांच अभी प्रगति पर है।
उन्होंने कहा, "यदि किसी को कोई संदेह है, तो उसे स्पष्ट किया जाना चाहिए। भारतीय कानून के तहत अधिकार प्राप्त एजेंसियों ने ऐसे मामलों में अपेक्षित आवश्यक जांच आरंभ कर दी है। ब्लैक बॉक्स बरामद कर लिया गया है और हमें जांच के अंतिम परिणाम की प्रतीक्षा करनी चाहिए।"मुख्यमंत्री ने खुलासा किया कि वह पहले व्यक्ति थे, जिन्होंने केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय को पत्र लिखकर इस दुर्घटना की व्यापक जांच की मांग की थी। इसमें श्री अजीत पवार, पायलट, को-पायलट और दो अन्य व्यक्तियों की मृत्यु हो गयी थी। उन्होंने आगे कहा कि नागरिक उड्डयन क्षेत्र में किसी भी कमी की पहचान करने से जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों, दोनों के लिए सुरक्षा उपायों को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
10 फरवरी को श्री रोहित पवार ने आरोप लगाया था कि बारामती दुर्घटना महज एक हादसा नहीं रही होगी। उन्होंने दावा किया था, "हमें विश्वास नहीं है कि यह सिर्फ एक दुर्घटना थी। इसमें तोड़फोड़ का संदेह करने की गुंजाइश है।" उन्होंने वीएसआर कंपनी की भूमिका पर भी सवाल उठाये, जिसके पास दुर्घटनाग्रस्त 'लियरजेट' का स्वामित्व था। उन्होंने आरोप लगाया कि इस फर्म का डीजीसीए के अधिकारियों पर खासा प्रभाव था और वह 'कुछ भी करके बच निकल सकता है'।
रोहित पवार ने इस बात की ओर इशारा किया कि वीएसआर के एक विमान से जुड़ी 2023 की दुर्घटना की अंतिम जांच रिपोर्ट पहले ही सौंपी जा चुकी थी, फिर भी कंपनी के विमानों का इस्तेमाल वरिष्ठ राजनीतिक नेता कर रहे थे। उन्होंने सवाल किया कि कंपनी का ऑपरेटिंग लाइसेंस रद्द क्यों नहीं किया गया।
उन्होंने इस घातक यात्रा से पहले की परिस्थितियों पर भी चिंता जतायी। उनके अनुसार, 27 जनवरी के लिए निर्धारित श्री अजित पवार की सड़क यात्रा का काफिला तैयार होने के बावजूद अचानक रद्द कर दिया गया था और इसके बजाय अगली सुबह हवाई यात्रा करने का निर्णय लिया गया।
इससे पहले बुधवार को एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए श्री रोहित पवार ने राजनेताओं से अपील की कि वे जल्दबाजी के बावजूद वीएसआर के विमानों का उपयोग करने से बचें। उन्होंने उल्लेख किया कि यहां तक कि मुख्यमंत्री, मंत्रियों और अन्य नेताओं ने भी वीएसआर के विमानों का उपयोग किया था और आगे कहा कि क्रिकेट के दिग्गज सचिन तेंदुलकर ने भी कुछ दिन पहले वीएसआर के विमान से दिल्ली की यात्रा की थी। पवार ने आरोप लगाया कि कंपनी के विमानों के रख-रखाव के तरीके अनुचित थे।
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