अहमदाबाद , जनवरी 06 -- पश्चिम रेलवे ने यात्रियों को रेलवन ऐप के माध्यम से डिजिटल, त्वरित एवं कैशलेस टिकटिंग अपनाने के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से एक व्यापक जन-जागरूकता एवं प्रचार अभियान शुरू किया है।

पश्चिम रेलवे की यहां जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार इसका उद्देश्य यात्रियों की सुविधा बढ़ाना और यात्रा को अधिक सुगम बनाना है। रेलवन ऐप एक एकीकृत प्लेटफॉर्म प्रदान करता है, जिसके माध्यम से यात्री आरक्षित टिकट बुकिंग, अनारक्षित टिकट बुकिंग एवं प्लेटफॉर्म टिकट, ट्रेनों की रियल टाइम जानकारी, ग्राहक सहायता आदि जैसी रेलवे की विभिन्न सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं।

टिकट बुकिंग स्टाफ, टिकट चेकिंग स्टाफ तथा संबंधित पर्यवेक्षकों को रेलवन ऐप की विशेषताओं के बारे में संवेदनशील किया गया है, ताकि वे यात्रियों को प्रभावी रूप से मार्गदर्शन एवं प्रेरित कर सकें। वाणिज्यिक पर्यवेक्षक एवं टिकट चेकिंग स्टाफ स्टेशनों पर सक्रिय रूप से प्रचार अभियान चला रहे हैं, जिनके माध्यम से ऐप की उपयोगिता एवं सरलता को उजागर किया जा रहा है।

सार्वजनिक जागरूकता को और अधिक बढ़ाने के लिए स्टेशनों पर पोस्टर एवं पर्चे प्रदर्शित एवं वितरित किए जा रहे हैं, प्रमुख स्टेशनों पर विशेष सहायता काउंटर स्थापित किए गए हैं तथा जन उद्घोषणा (पीए) प्रणाली और पश्चिम रेलवे के आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से नियमित घोषणाएँ की जा रही हैं। अतिरिक्त प्रोत्साहन के रूप में, रेलवन ऐप पर सभी डिजिटल भुगतान माध्यमों के जरिए अनारक्षित टिकट बुक करने वाले यात्रियों को तीन प्रतिशत की छूट प्रदान की जाएगी, जो 14 जनवरी से 14 जुलाई, 2026 तक लागू रहेगी।

टिकटिंग के अतिरिक्त, रेलवन ऐप पर उपलब्ध विभिन्न सुविधाओं में ट्रेन सर्च, पीएनआर स्थिति, कोच पोजिशन, ट्रैक योर ट्रेन, ऑर्डर योर फूड, रिफंड दर्ज करना, रेल मदद तथा गो टू वेव्स शामिल हैं।

वर्तमान में यूटीएस (यूटीएस) ऐप का उपयोग कर रहे यात्रियों को भारतीय रेल के ऑल-इन-वन मोबाइल एप्लिकेशन रेलवन पर सहज रूप से स्थानांतरित होने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है, ताकि वे एक ही उपयोगकर्ता-अनुकूल प्लेटफॉर्म पर टिकट बुकिंग जारी रखने के साथ-साथ अनेक अतिरिक्त सेवाओं का लाभ उठा सकें। मौजूदा यूटीएस उपयोगकर्ता प्रदान किए गए इमेज फ्लोचार्ट में दर्शाई गई सरल चरणबद्ध माइग्रेशन प्रक्रिया का पालन करके अपने खातों को रेलवन ऐप में स्थानांतरित कर सकते हैं, जिससे उपयोगकर्ता क्रेडेंशियल्स का स्थानांतरण संभव हो सकेगा और बिना किसी व्यवधान के सेवाओं का निरंतर उपयोग सुनिश्चित होगा।

रेलवन ऐप तक आसान पहुँच सुनिश्चित करने के लिए, एंड्रॉयड तथा आईओएस दोनों उपयोगकर्ताओं के लिए क्यूआर कोड स्कैनर स्टेशनों पर तथा पश्चिम रेलवे के आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से प्रचारित किए जा रहे हैं, जिससे यात्री ऐप तक तुरंत पहुँच प्राप्त कर सकें। इसके अतिरिक्त, स्टेशनों पर तैनात कर्मचारियों के साथ-साथ 139 टोल-फ्री हेल्पलाइन पर कार्यरत कर्मियों को भी रेलवन ऐप से संबंधित यात्रियों के प्रश्नों का समाधान करने हेतु प्रशिक्षित किया गया है।

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